चुनाव से पहले कड़ा सुरक्षा ब्लूप्रिंट : हर बूथ पर 360° निगरानी

जरा सी गड़बड़ी पर होगा री-पोल, 480 CAPF कंपनियां तैनात
फाइल फोटो
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कोलकाता : आगामी विधानसभा चुनावों को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए राज्य में व्यापक और सख्त सुरक्षा खाका तैयार किया गया। बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी, विशेष पर्यवेक्षक, डीजीपी, कोलकाता पुलिस आयुक्त सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में निर्णय लिया गया कि जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) और मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) स्तर पर इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम स्थापित किया जाएगा, जो 24 घंटे कार्यरत रहेगा। इसमें प्रशासन, पुलिस, प्रवर्तन एजेंसियां और CAPF के अधिकारी संयुक्त रूप से निगरानी करेंगे।

हर बूथ पर कड़ी नजर

चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी मतदान केंद्रों के अंदर 360 डिग्री वेबकास्टिंग की जाएगी। साथ ही, मतदान केंद्रों के बाहर भी निगरानी रखी जाएगी और जरूरत पड़ने पर ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा।

हाईटेक निगरानी और ट्रैकिंग

फ्लाइंग स्क्वॉड (FST) और क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) के वाहनों में 360 डिग्री PTZ कैमरे लगाए जाएंगे, जिनकी लाइव स्ट्रीमिंग कंट्रोल रूम में होगी। CAPF और EVM ले जाने वाले सभी वाहनों में GPS ट्रैकर अनिवार्य किया गया है। नाकों पर तैनात टीमों की निगरानी भी वेबकैम के जरिए होगी।

CAPF की बड़ी तैनाती

कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए CAPF की 480 कंपनियां तैनात की जाएंगी। इसके साथ ही CAPF जवानों को बॉडी कैमरे भी दिए जाएंगे, ताकि हर गतिविधि रिकॉर्ड हो सके।

पुलिस को सख्त निर्देश

निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि सेवानिवृत्ति के बाद दोबारा नियुक्त पुलिस अधिकारी किसी भी चुनावी पद पर नहीं रहेंगे। साथ ही जिन अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है, उन्हें भी चुनावी जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। सभी पुलिसकर्मियों से यह लिखित हलफनामा लिया जाएगा।

हिंसा पर जीरो टॉलरेंस

2021 के चुनाव बाद हिंसा में शामिल असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। लंबित गैर-जमानती वारंट (NBW) को जल्द तामील करने और तलाशी अभियान तेज करने को कहा गया है।

साइबर निगरानी भी कड़ी

चुनाव से जुड़े साइबर अपराधों पर नजर रखने के लिए एडीजी साइबर सुरक्षा को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है।

डराने-धमकाने पर तुरंत री-पोल

मतदान के दिन यदि किसी भी प्रकार की धमकी, डराने या मतदाताओं को रोकने की घटना सामने आती है, तो तुरंत पुनर्मतदान (री-पोल) कराया जाएगा। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 129 और 135A का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

पुलिस की खाली पदों को भरा जाये

पुलिस विभाग में खाली पदों को तुरंत भरने और वीआईपी सुरक्षा की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, स्थानांतरित अधिकारियों को तत्काल नयी पोस्टिंग पर जॉइन करने को कहा गया है।

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