पीएम की सभा के विरोध में मंत्री बेचाराम मन्ना ने की अलग सभा

मंत्री वक्तव्य रखते हुए
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हुगली : सिंगुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘परिवर्तन संकल्प सभा’ के ठीक अगले दिन सोमवार को तृणमूल कांग्रेस ने पलटवार करते हुए एक विरोध सभा का आयोजन किया। यह सभा सिंगुर के रतनपुर आलू मोड़ के निकट आयोजित की गई, जिसमें सिंगुर के विधायक और राज्य के मंत्री बेचाराम मन्ना ने केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला। बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय लोग इस सभा में मौजूद रहे। सभा को संबोधित करते हुए मंत्री बेचाराम मन्ना ने कहा कि सिंगुर की ज़मीन भाजपा की बपौती नहीं है, बल्कि यह किसानों की संपत्ति है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसानों की सहमति के बिना सिंगुर में किसी भी तरह का उद्योग स्थापित नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा बार-बार सिंगुर के नाम पर राजनीति कर रही है और लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। बेचाराम मन्ना ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के जरिए आम लोगों को परेशान किया जा रहा है और लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश हो रही है। उनका आरोप था कि भाजपा सरकार जनता का ध्यान असली मुद्दों से हटाने के लिए ऐसे कदम उठा रही है। मंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री की सभा से पहले भाजपा नेताओं ने सिंगुर में उद्योग, रोजगार और टाटा को वापस लाने के बड़े-बड़े दावे किए थे। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण में इन मुद्दों का कोई उल्लेख नहीं किया गया, जिससे सिंगुर के लोगों में निराशा और असंतोष है। उन्होंने इसे भाजपा की कथनी और करनी में अंतर बताया। सभा में विधायक करबी मन्ना सहित तृणमूल कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि तृणमूल कांग्रेस किसानों के हितों की रक्षा के लिए हमेशा संघर्ष करती रही है और आगे भी करती रहेगी। सभा के माध्यम से पार्टी ने यह संदेश देने की कोशिश की कि सिंगुर की जनता भाजपा के झूठे वादों को समझ चुकी है और उन्हें किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी।

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