पटसन आयुक्त कार्यालय में हिंदी पखवाड़ा संपन्न

उप पटसन आयुक्त नीरज कुलहरि पुस्तक का विमोचन करते हुए, साथ में हैं कई अन्य अधिकारी
उप पटसन आयुक्त नीरज कुलहरि पुस्तक का विमोचन करते हुए, साथ में हैं कई अन्य अधिकारी
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कोलकाता : पटसन आयुक्त कार्यालय, कोलकाता में हिंदी पखवाड़ा समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। उप पटसन आयुक्त नीरज कुलहरि ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। समारोह के दौरान केंद्रीय वस्त्र मंत्री, वस्त्र राज्य मंत्री तथा सचिव, वस्त्र मंत्रालय के हिंदी दिवस संदेशों का वाचन क्रमशःअधीक्षक सुनील चंद्र कुमार, ; प्रवर श्रेणी लिपिक रामानंद प्रसाद, ; तथा अधीक्षक नितिन कुमार ने किया। इस अवसर पर पटसन आयुक्त कार्यालय की वार्षिक गृह पत्रिका ‘पटसन दर्पण’ के मार्च 2026 अंक का विमोचन उप पटसन आयुक्त नीरज कुलहरि द्वारा किया गया। परामर्शदाता (हिंदी) अखिलेश कुमार ने राजभाषा कार्यान्वयन संबंधी रिपोर्ट प्रस्तुत की। हिंदी पखवाड़े के दौरान आयोजित विभिन्न हिंदी प्रतियोगिताओं—हिंदी निबंध, पोस्टर ड्राइंग, वाद-विवाद, श्रुतलेखन एवं प्रश्नोत्तरी—के मूल्यांकनकर्ताओं को समारोह में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया। उन्होंने प्रतियोगिताओं में प्राप्त प्रविष्टियों के मूल्यांकन की प्रक्रिया तथा प्रतिभागियों के प्रदर्शन पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर संयुक्त निदेशक एवं कार्यालय प्रमुख टीपू सुल्तान अज़हर ने स्टाफ सदस्यों को संबोधित किया। अपने अध्यक्षीय भाषण में उप पटसन आयुक्त ने कहा कि राजभाषा का कार्यान्वयन सरकारी कामकाज का एक महत्वपूर्ण अंग है। उन्होंने कहा कि राजभाषा कार्यान्वयन में भी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (ए.आई.) के प्रयोग की संभावनाओं को तलाशने की आवश्यकता है। उन्होंने हिंदी में टिप्पणियां लिखने पर विशेष ध्यान देने पर भी बल दिया। समारोह के दौरान उप पटसन आयुक्त एवं कार्यालय प्रमुख द्वारा विभिन्न प्रतियोगिताओं के सभी पुरस्कार-विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। टी. सी. लामा, उप निदेशक (का./वित्त) एवं नोडल राजभाषा अधिकारी ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। कार्यक्रम के आरंभ में परामर्शदाता (हिंदी) अखिलेश कुमार ने मंचासीन अतिथियों एवं उपस्थित स्टाफ सदस्यों का स्वागत किया तथा अतिथियों का परिचय कराया। सुबोध कुमार केसरी, प्रवर श्रेणी लिपिक तथा विशु दोलाई, एमटीएस ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग किया।

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