बैंकॉक से पौधे लेकर कोलकाता पहुंचे यात्री का सामान जब्त

220 जीवित पौधे बरामद
बैंकॉक से पौधे लेकर कोलकाता पहुंचे यात्री का सामान जब्त
Published on: 

कस्टम्स ने जारी की एडवाइजरी, बिना जरूरी दस्तावेजों के पौधे, बीज और पौधों की कटिंग विदेश से लाने पर हो सकती है कार्रवाई

सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कोलकाता कस्टम्स की एयर इंटेलिजेंस यूनिट (एआईयू) ने बैंकॉक से आए एक अंतरराष्ट्रीय यात्री के सामान से 220 जीवित पौधे बरामद किए हैं। इन पौधों का कुल वजन करीब 17 किलोग्राम है। यात्री इंडिगो की उड़ान संख्या 6E-1058 से बैंकॉक से कोलकाता पहुंचा था। 24 अक्टूबर 2026 को खुफिया जानकारी के आधार पर कस्टम्स अधिकारियों ने यात्री के सामान की जांच की। इस दौरान नीले रंग के एक ट्रॉली बैग, जिस पर ‘SWIS ALL’ लिखा था, से पौधे बरामद हुए।

बरामद पौधों में 150 अमरूद के पौधे (Psidium spp.), 20 जामुन के पौधे (Syzygium spp.) और 50 कैलेडियम प्रजाति के पौधे (Caladium spp.) शामिल हैं।

जांच के दौरान सक्षम पादप संगरोध प्राधिकरण (प्लांट क्वारंटाइन अथॉरिटी) ने पाया कि पौधों को वैध आयात परमिट और फाइटोसैनिटरी प्रमाणपत्र के बिना भारत लाया गया था। ये दस्तावेज संबंधित पादप संगरोध नियमों के तहत आवश्यक हैं।

इसके बाद प्राधिकरण ने 24 अक्टूबर 2026 को पौधों को निर्धारित समयसीमा के भीतर वापस भेजने का आदेश जारी किया। ऐसा नहीं होने पर नियमानुसार पौधों को नष्ट करने का निर्देश दिया गया है। कस्टम्स एक्ट, 1962 के संबंधित प्रावधानों के तहत पौधों को जब्त कर लिया गया है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

विदेश से पौधे लाने वाले यात्रियों के लिए एडवाइजरी

इस घटना के बाद कोलकाता कस्टम्स ने अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को सलाह दी है कि वे आवश्यक दस्तावेजों के बिना जीवित पौधे, पौधों के छोटे पौधे, कटिंग, बीज, बल्ब, जड़ें या अन्य पादप सामग्री अपने चेक-इन बैगेज, केबिन बैगेज अथवा निजी सामान में लेकर न आएं।

कस्टम्स ने स्पष्ट किया है कि पौधों और पादप सामग्री को सामान्य सामान की तरह नहीं माना जा सकता। भारत में इनके आयात पर पादप संगरोध नियमों के तहत प्रतिबंध और निर्धारित प्रक्रियाएं लागू होती हैं। पौधों की प्रजाति, उनके मूल देश और संबंधित नियमों के आधार पर वैध आयात परमिट और फाइटोसैनिटरी प्रमाणपत्र जैसे दस्तावेज जरूरी हो सकते हैं।

बिना निर्धारित दस्तावेजों के पौधे लाने पर सामान को रोका जा सकता है, जब्त किया जा सकता है या वापस भेजा जा सकता है। नियमानुसार पौधों को नष्ट करने के साथ अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

कस्टम्स ने यात्रियों से अपील की है कि वे विदेश से उपहार में मिले, खरीदे गए या निजी बागवानी के लिए लाए जाने वाले पौधों की स्वीकार्यता और आयात संबंधी नियमों की यात्रा से पहले जांच कर लें। इसके लिए सक्षम पादप संगरोध प्राधिकरण और कस्टम्स अधिकारियों से संपर्क करने की सलाह दी गई है।

कृषि और पर्यावरण को हो सकता है नुकसान

कस्टम्स के अनुसार, बिना अनुमति पौधों और पादप सामग्री का आयात भारतीय कृषि, बागवानी और पर्यावरण के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। इनके माध्यम से विदेशी कीटों, पौधों की बीमारियों और आक्रामक प्रजातियों के देश में प्रवेश की आशंका रहती है।

कोलकाता कस्टम्स ने दोहराया है कि प्रतिबंधित और नियंत्रित वस्तुओं के अवैध आयात को रोकने के लिए निगरानी जारी रहेगी। यात्रियों से नियमों का पालन करने की अपील की गई है, ताकि सामान जब्त होने और कानूनी कार्रवाई जैसी परेशानियों से बचा जा सके।

सन्मार्ग को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं →
Follow Sanmarg on Google News
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in