स्कूल में तीसरी कक्षा के छात्र की मौत पर भारी हंगामा

परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप, अभिभावकों ने किया प्रदर्शन
स्कूल के बाहर प्रदर्शन करते अभिभावक
स्कूल के बाहर प्रदर्शन करते अभिभावक
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कोलकाता : बांसद्रोणी स्थित महाऋषि विद्यामंदिर अंग्रेजी माध्यम स्कूल में तीसरी कक्षा के एक छात्र की मौत के बाद इलाके में भारी तनाव और हंगामा देखने को मिला। मृत छात्र की पहचान 8 वर्षीय आयुष कुमार नाथ के रूप में हुई है। परिजनों ने स्कूल प्रशासन पर बेहद गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं। इस घटना के विरोध में मंगलवार की सुबह से ही आक्रोशित अभिभावकों ने एनएससी बोस रोड पर स्कूल के मुख्य गेट के सामने जोरदार प्रदर्शन किया और पथावरोध कर दिया, जिससे उस रूट पर बस सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा। पुलिस ने अभिभावकों की शिकायत पर स्कूल के तीन लोगों से पूछताछ की। पुलिस ने प्राथमिक जांच में पाया कि मृत छात्र के सिर पर चोट के निशान नहीं थे। उसकी मेडिकल रिपोर्ट में सिर में ट्यूमर होने का पता चला है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने पर ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा।

पुलिस जांच और मेडिकल रिपोर्ट में नया मोड़

छात्र के पिता की शिकायत के आधार पर नेताजीनगर थाने में स्कूल प्रशासन के खिलाफ अस्वाभाविक मौत का मामला दर्ज कर लिया गया है। हालांकि, पुलिस जांच और डॉक्टरों की प्रारंभिक रिपोर्ट में कुछ अलग और चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आयुष लंबे समय से सिर से जुड़ी किसी बीमारी से पीड़ित था और तेज सिरदर्द की वजह से अक्सर स्कूल नहीं आ पाता था। 13 मई को तबीयत में थोड़ा सुधार होने पर ही उसे स्कूल भेजा गया था, जहां क्लास के दौरान वह अचानक गिर गया। शुरुआती मेडिकल रिपोर्ट में छात्र के सिर पर किसी भी तरह की बाहरी गंभीर चोट के निशान नहीं मिले हैं। इसके विपरीत, डॉक्टरों को जांच के दौरान उसके सिर में एक ट्यूमर मिला है। चिकित्सकों का प्राथमिक अनुमान है कि छात्र की मौत इसी ट्यूमर की जटिलताओं की वजह से हुई है, न कि गिरने या चोट लगने के कारण। मामले की जांच अभी शुरुआती चरण में है। स्कूल के सीसीटीवी फुटेज में छात्र को सीढ़ी पर गिरते हुए नहीं देखा गया। इस बारे में स्कूल प्रशासन व संबंधित शिक्षकों से पूछताछ की गयी है। जब तक अंतिम और विस्तृत पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

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