कालीपूजा सुरक्षा: बारिश होते ही मंडप में बंद होगी एंट्री, इमरजेंसी प्लान हुआ अनिवार्य

कोलकाता की 3,442 काली पूजाओं पर लालबाजार की नजर
फाइल फोटो
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मंडप में एंट्री से ज्यादा चौड़ा होगा एग्जिट गेट

सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : दुर्गापूजा के दौरान चोरबागान में हुई दुखद घटना से सबक लेते हुए कोलकाता पुलिस इस बार कालीपूजा में सुरक्षा को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने से लेकर आपातकालीन स्थिति में सुरक्षित निकासी तक, पूजा कमेटियों को कई सख्त निर्देश दिए गए हैं। इसी सिलसिले में सोमवार को धनधान्य ऑडिटोरियम में कोलकाता पुलिस की ओर से शहर की कालीपूजा कमेटियों के साथ समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में मंडप की सुरक्षा, प्रवेश और निकास व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, बारिश के दौरान सावधानी और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के उपायों पर विस्तार से चर्चा हुई।

एंट्री गेट से दोगुना चौड़ा होगा एग्जिट गेट

पुलिस के निर्देशों के अनुसार, पूजा मंडप से बाहर निकलने वाले रास्ते की चौड़ाई प्रवेश द्वार की तुलना में दोगुनी रखनी होगी। इसका उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को सुरक्षित और तेजी से बाहर निकालना है। पूजा कमेटियों को मंडप के भीतर भीड़ पर विशेष नजर रखने और भीड़ बढ़ने की स्थिति में तत्काल आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है। इसके अलावा, श्रद्धालुओं के लिए की जाने वाली किसी भी तरह की सार्वजनिक घोषणा पुलिस के साथ समन्वय करके ही करनी होगी। जरूरत पड़ने पर पुलिसकर्मी की मौजूदगी में अनाउंसमेंट करने का निर्देश भी दिया गया है, ताकि किसी तरह की अफरातफरी न फैले।

बारिश होते ही बंद होगी मंडप में एंट्री

बारिश के दौरान मंडप में भीड़ और सुरक्षा संबंधी परेशानी से बचने के लिए पुलिस ने विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। निर्देश के मुताबिक, बारिश शुरू होते ही मंडप में श्रद्धालुओं का प्रवेश रोक दिया जाएगा। मौसम और परिस्थितियां सामान्य होने के बाद ही दोबारा प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। हर पूजा कमेटी को पहले से इमरजेंसी इवैक्युएशन प्लान तैयार रखने को कहा गया है। किसी भी अप्रिय घटना या आपातकालीन स्थिति में श्रद्धालुओं को बिना देरी सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए यह व्यवस्था अनिवार्य की गई है।

ग्रीन पटाखों के लिए रात 8 से 10 बजे तक का समय

मंडप की सुरक्षा के साथ-साथ ध्वनि प्रदूषण और पटाखों के इस्तेमाल को लेकर भी पुलिस ने समय-सीमा निर्धारित की है। इस साल रात 8 बजे से 10 बजे तक ही ईको-फ्रेंडली ग्रीन पटाखे फोड़ने की अनुमति होगी। वहीं, लाउडस्पीकर और साउंड बॉक्स के इस्तेमाल के लिए सुबह 7 बजे से 11 बजे तक तथा शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है।

10 से 12 नवंबर के बीच करना होगा प्रतिमा विसर्जन, डीजे पर रोक

कालीपूजा की प्रतिमाओं का विसर्जन 10 से 12 नवंबर के बीच पूरा करना होगा। विसर्जन जुलूस के दौरान किसी भी तरह के पटाखे फोड़ने और तेज आवाज करने पर रोक रहेगी। इसके अलावा डीजे बजाने की भी अनुमति नहीं होगी। पुलिस ने पूजा कमेटियों को विसर्जन के दौरान निर्धारित नियमों का पालन करने का निर्देश दिया है।

3,442 पूजा कमेटियां पुलिस की निगरानी में

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस साल कोलकाता में छोटी-बड़ी कुल 3,442 काली पूजाओं का आयोजन होना है। इतनी बड़ी संख्या में पूजा आयोजनों को देखते हुए लालबाजार ने विशेष निगरानी की योजना बनाई है। खासकर बड़े मंडपों और अधिक भीड़ जुटने वाले पूजा स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था की लगातार समीक्षा की जाएगी।

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