विधाननगर मेला में चमके मारवाड़ी समाज के सितारे

उद्यमियों व समाजसेवियों का भव्य सम्मान
विधाननगर मेला में चमके मारवाड़ी समाज के सितारे
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सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता :
विधाननगर नगर निगम द्वारा आयोजित विधाननगर मेला उत्सव इस वर्ष कई मायनों में विशेष रहा। इस अवसर पर मारवाड़ी समाज के प्रतिष्ठित उद्यमियों और समाजसेवियों को उनके समाज सेवा, उद्योग और सामाजिक सरोकारों में योगदान के लिए सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में शहर के समाजिक और व्यावसायिक क्षेत्र की कई महत्वपूर्ण हस्तियाँ मौजूद रहीं।

सम्मानित व्यक्तियों में ललित प्रहलादका, आत्माराम सोंथलिया, डॉ. घनश्याम गोयल, डॉ. ओम टांटिया, गोपाल नरेडी, एन.के. अग्रवाल, अरुण भुवालका, दीपू शर्मा, सुभाष खेरिया, सुनील अग्रवाल, उमेश मिश्रा, अंजनी धानुका, रमेश बागला, दिनेश संचेती, सत्यनारायण सोनी, विश्वनाथ भुवालका, पवन भुवानिया, संदीप गर्ग और महेंद्र अग्रवाल शामिल रहे। इन सभी ने अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है और समाज के लिए मिसाल पेश की है।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देशानुसार आयोजित इस समारोह में विधाननगर के मेयर कृष्णा चक्रवर्ती समेत नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। मेयर चक्रवर्ती ने अपने संबोधन में कहा कि मारवाड़ी समाज ने उद्योग, व्यापार और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में सदैव अग्रणी भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा,

“मारवाड़ी समाज का योगदान केवल आर्थिक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज सामाजिक सरोकारों और जनकल्याण में भी सक्रिय रहा है। इन्हें सम्मानित करना गर्व और प्रेरणा दोनों का प्रतीक है।”

मेला उत्सव कमेटी ने भी कहा कि विधाननगर के सामाजिक, सांस्कृतिक और औद्योगिक विकास में इन विभूतियों का योगदान सराहनीय है। इन उद्यमियों और समाजसेवियों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सेवा और सामुदायिक विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किया है।

समारोह में उपस्थित दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से इन हस्तियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का समापन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और सामुदायिक संवाद के साथ हुआ। मेला कमेटी का कहना है कि ऐसे आयोजन समाज में सेवा भाव को बढ़ावा देते हैं और स्थानीय स्तर पर प्रेरणादायी हस्तियों को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं।

इस प्रकार विधाननगर मेला न केवल एक सांस्कृतिक उत्सव बनकर उभरा, बल्कि समाज में प्रेरणा और सहयोग की भावना को भी मजबूत करने वाला कार्यक्रम साबित हुआ।

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