'कैग रिपोर्ट' पर विपक्ष का संयमित रुख

पारदर्शिता की वकालत, दुरुपयोग को लेकर चिंता
बंगाल विधानसभा
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कोलकाता : मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निर्देश के अनुसार 25 जुलाई को बंगाल विधानसभा में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की 28 लंबित रिपोर्ट पेश किए जाने की तैयारी के बीच तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने टकराव के बजाय संयमित और प्रक्रियात्मक रुख अपनाया है। सूत्रों के अनुसार, इसमें अम्फान राहत कोष के ऑडिट से संबंधित रिपोर्ट भी शामिल है।

इस संबंध में, टीएमसी नेता कुणाल घोष ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी को कैग रिपोर्ट सदन में प्रस्तुत किए जाने पर कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा, 'हमें रिपोर्ट पेश होने से कोई भय नहीं है। हमारी केवल यह अपेक्षा है कि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी हो तथा रिपोर्टों के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ न की जाए।'

उनका कहना था कि रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद तथ्यों के आधार पर ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित होगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी मामले में कोई दोषी पाया जाता है, तो केवल राजनीतिक पहचान बदल लेने से उसे राहत नहीं मिलनी चाहिए। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने कहा कि कैग रिपोर्ट को सदन में प्रस्तुत करना संसदीय परंपरा का हिस्सा है और उनके कार्यकाल में भी ऐसा होता रहा है।

हालांकि उन्होंने यह भी आगाह किया कि संवैधानिक संस्थाओं की रिपोर्टों का उपयोग राजनीतिक प्रतिशोध के औजार के रूप में नहीं होना चाहिए। वहीं, पूर्व आपदा प्रबंधन मंत्री जावेद खान ने कहा कि लोकतंत्र में तथ्यों और सत्य को ही अंतिम आधार बनाया जाना चाहिए।

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