आरजी कर लिफ्ट हादसा : मरम्मत के 7 दिन बाद ही बिगड़ी मशीन, जांच तेज

एक सप्ताह पहले ही एजेंसी ने किया था सर्विस
फाइल फोटो
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कोलकाता : आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में हुए दर्दनाक लिफ्ट हादसे की जांच में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। नागेरबाजार निवासी अरूप बंद्योपाध्याय की मौत से जुड़े इस मामले में पता चला है कि जिस लिफ्ट में हादसा हुआ, वह घटना से महज सात दिन पहले, 13 मार्च को खराब हुई थी और इंजीनियरों ने उसे “ठीक” किया था। लालबाजार के जांच अधिकारियों के अनुसार, मरम्मत के बावजूद इतनी कम अवधि में लिफ्ट के दोबारा खराब होने पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल इस पूरे मामले की जांच में फॉरेंसिक विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया है, जिन्होंने लिफ्ट के कंट्रोल पैनल और तकनीकी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक, हादसे के दिन अरूप बंद्योपाध्याय अपनी पत्नी और छोटे बच्चे के साथ ट्रॉमा केयर की लिफ्ट नंबर-2 में सवार हुए थे। लिफ्ट अचानक तेज झटके देने लगी। पुलिस इस झटके के कारणों का पता लगाने में जुटी है।

जांच के तहत लालबाजार पुलिस ने पीडब्ल्यूडी के उन कर्मचारियों से पूछताछ की है, जो लिफ्ट के रखरखाव के लिए जिम्मेदार थे। इसके अलावा लिफ्ट इंजीनियर, मेंटेनेंस एजेंसी के कर्मचारी, अन्य बिल्डिंग के लिफ्टमैन और सुरक्षा कर्मियों से भी पूछताछ की गई है। अब तक करीब 30 लोगों से पूछताछ हो चुकी है। घटनाक्रम को समझने के लिए अस्पताल परिसर के लगभग 70 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, महीने की शुरुआत में लिफ्ट की जांच में उसे सही हालत में बताया गया था, लेकिन 13 मार्च को उसमें तकनीकी गड़बड़ी सामने आई थी। उस समय इंजीनियरों ने सॉफ्टवेयर समस्या बताकर मदरबोर्ड की जांच की और लिफ्ट को चालू कर दिया था। लेकिन मरम्मत के छह दिन बाद ही लिफ्ट फिर से अनियंत्रित हो गई। बताया जा रहा है कि दूसरे माले से पांचवें माले पर जाने के लिए बटन दबाने के बावजूद लिफ्ट सीधे सातवें माले तक चली गई और फिर अचानक बेसमेंट में आ गई। इसी दौरान दरवाजा तेजी से बंद हुआ और जोरदार झटका लगा, जिससे यह भयावह हादसा हुआ। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि 13 मार्च को लिफ्ट की मरम्मत सही तरीके से की गई थी या नहीं और क्या बिना पूरी जांच के उसे चालू करने की अनुमति दे दी गई थी। पुलिस ने कहा है कि मामले में आगे की कार्रवाई फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद की जाएगी।

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