छात्र प्रदर्शन हिंसा मामले में 70 संदिग्धों की पहचान, एक गिरफ्तार

हेयर स्ट्रीट और इंटाली थाने में दर्ज किया गया 7 मामला, 9 हिरासत में लिये गये
फाइल फोटो
फाइल फोटो
Published on

दीपक,सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता: शुक्रवार को छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के बाद कोलकाता पुलिस ने रातभर बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए कई स्थानों पर छापेमारी की। पुलिस ने करीब 70 ऐसे संदिग्धों की पहचान की है, जिन पर आरोप है कि वे प्रदर्शन में बाहरी लोगों के रूप में शामिल हुए और झड़पें शुरू कीं। पुलिस के अनुसार, इन लोगों पर पत्रकारों और पुलिसकर्मियों पर हमला करने तथा प्रदर्शन को हिंसक बनाने का आरोप है। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए अंडाल से मो.अफरोज को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा 9 लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस टीमों ने खिदिरपुर, राजाबाजार, पार्क सर्कस, अकड़ा फाटक, बेलगाछिया, राजारहाट, न्यू टाउन और बागुईआटी समेत कई इलाकों में छापेमारी की। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, संदिग्धों की पहचान ट्रैफिक सर्विलांस कैमरों, पुलिस बॉडी कैमरों और मीडिया संस्थानों द्वारा रिकॉर्ड किए गए वीडियो फुटेज के विश्लेषण के आधार पर की गई है। जांच में सियालदह, मौलाली, एसएन बनर्जी रोड और डोरिना क्रॉसिंग के बीच प्रदर्शन मार्ग पर मौजूद लोगों की गतिविधियों की जांच की जा रही है । हालांकि पुलिस ने हिरासत में लिए गए या गिरफ्तार किए गए लोगों की संख्या का खुलासा नहीं किया है, लेकिन अधिकारियों ने बताया कि संदिग्धों से नए लागू कानूनों और अन्य आपराधिक धाराओं के तहत पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या प्रदर्शन में हिंसा फैलाने के लिए किसी संगठित समूह ने बाहरी लोगों को जुटाया था।

यह कार्रवाई उन सात एफआईआर के आधार पर की जा रही है, जो हेयर स्ट्रीट और इंटाली थानों में दर्ज की गई हैं। ये मामले उस समय दर्ज किए गए जब तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर निकाले गए छात्र मार्च के दौरान कथित तौर पर पुलिसकर्मियों, पत्रकारों और राहगीरों पर पत्थर, लाठी, जूते और पानी की बोतलें फेंकी गईं। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान अधिकारियों ने काफी संयम बरता, लेकिन कुछ लोगों ने जानबूझकर हिंसा फैलाने की कोशिश की।

कई संदिग्धों के घरों पर छापेमारी

पुलिस ने कुछ ऐसे लोगों की तलाश तेज कर दी है, जिनकी पहचान कथित तौर पर हिंसा में शामिल लोगों के रूप में की गई है। अधिकारियों के अनुसार, राजाबाजार, खिदिरपुर, इकबालपुर और वाटगंज इलाकों में कुछ संदिग्धों के घरों पर छापेमारी की गई है। हालांकि पुलिस ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि इनमें से किसी को गिरफ्तार किया गया है या नहीं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि संदिग्धों की तस्वीरें सभी संबंधित थानों को भेजी गई हैं। पहचान होने के बाद पुलिस टीमें उनके घरों और संभावित ठिकानों पर पहुंच रही हैं तथा उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और हाल की गतिविधियों की जानकारी जुटा रही हैं।

सीसीटीवी और वीडियो फुटेज की हो रही जांच

कोलकाता पुलिस कंट्रोल रूम में जांच अधिकारी सीसीटीवी कैमरों, ट्रैफिक सर्विलांस सिस्टम, पुलिस बॉडी कैमरों और समाचार चैनलों के वीडियो फुटेज की फ्रेम-दर-फ्रेम जांच कर रहे हैं। पुलिस अधिकारी ने कहा कि पत्रकारों पर हमले, पुलिसकर्मियों से मारपीट, बैरिकेड तोड़ने और हिंसा भड़काने वालों की पहचान के लिए अलग-अलग स्रोतों से मिले वीडियो और तस्वीरों का मिलान किया जा रहा है। पहचान होने के बाद आरोपियों को मामलों में नामजद कर गिरफ्तार किया जाएगा।

पत्रकारों और पुलिसकर्मियों की शिकायत पर दर्ज मामले

सात एफआईआर में से छह हेयर स्ट्रीट थाने में दर्ज की गई हैं। इनमें कई पत्रकारों ने प्रदर्शन की कवरेज के दौरान हमले की शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ताओं में रिपोर्टर राही हलदर, रिक पुरकायस्थ, सुमन महापात्रा और शिलादित्य कर, कैमरामैन माखन चंद्र पात्रा तथा हेयर स्ट्रीट थाने के सब-इंस्पेक्टर दीनबंधु केश शामिल हैं। सातवीं एफआईआर इंटाली थाने में एक पुलिस अधिकारी की शिकायत पर दर्ज की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मौलाली स्थित यूथ सेंट्रल के पास प्रदर्शन के दौरान उनके साथ मारपीट की गई। पुलिस ने सभी सात मामलों में जांच के लिए अलग-अलग जांच अधिकारी नियुक्त किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो साक्ष्यों और अन्य जानकारी के आधार पर हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Google पर सन्मार्ग न्यूज़ पडे →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in