

कोलकाता : पश्चिम बंगाल के स्कूल शिक्षा विभाग ने कोलकाता नगर निगम (केएमसी) क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में प्री-प्राइमरी से कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों के लिए मिड-डे मील तैयार करने और वितरित करने का जिम्मा इस्कॉन अन्नामृत फूड रिलीफ फाउंडेशन को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग ने फाउंडेशन को लेटर ऑफ अवॉर्ड (एलओए) जारी करते हुए 1 अगस्त से सेवा शुरू करने का प्रस्ताव दिया है और सात कार्यदिवस के भीतर इसकी स्वीकृति देने को कहा है।
विभाग के अनुसार, फाउंडेशन को केंद्र और राज्य सरकार के पीएम पोषण (मिड-डे मील) योजना के तहत निर्धारित सभी पोषण मानकों, खाद्य गुणवत्ता और स्वच्छता संबंधी नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। विद्यार्थियों को निर्धारित साप्ताहिक मेन्यू के अनुसार पौष्टिक और गर्म भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारी समय-समय पर रसोई और तैयार भोजन का निरीक्षण भी करेंगे।
हालांकि, इस निर्णय को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका लंबित है। याचिका में आशंका जताई गई है कि यदि पूरे राज्य में यह व्यवस्था लागू की गई तो लाखों महिला रसोइयों और सहायिकाओं के रोजगार पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इस मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से हलफनामा भी मांगा है।
स्कूल शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस परियोजना का अंतिम क्रियान्वयन न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप ही होगा। साथ ही, काम शुरू करने से पहले इस्कॉन अन्नामृत फूड रिलीफ फाउंडेशन को विभाग के साथ औपचारिक एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर करने होंगे। इसके बाद ही 1 अगस्त से कोलकाता के सरकारी स्कूलों में नई व्यवस्था लागू की जाएगी।