बारुईपुर कांड : न्याय के मुद्दे पर एकजुट हुआ विपक्षी खेमा

सियासी मतभेद भूलकर परिवार से मिलने पहुंचे नेता
फाइल फोटो
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कोलकाता : बारुईपुर के सूर्यपुर में नाबालिग से कथित दुष्कर्म और हत्या की घटना को लेकर राज्यभर में आक्रोश के बीच सोमवार को तृणमूल कांग्रेस, माकपा, कांग्रेस और एसयूसीआई के प्रतिनिधिमंडलों ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। सभी दलों ने परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दोषियों को कठोरतम सजा, मामले की निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।

तृणमूल कांग्रेस की ओर से सांसद डोला सेन, प्रतिमा मंडल, वरिष्ठ नेता बिमान बंद्योपाध्याय और विधायक विभास सरदार ने परिवार से मुलाकात की। प्रतिमा मंडल ने कहा कि ममता बनर्जी पीड़ित परिवार के साथ हैं और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, डोला सेन ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी को रविवार से बारुईपुर जाने से रोका गया, जबकि वह स्वयं परिवार से मिलना चाहती थीं।

माकपा नेता सुजन चक्रवर्ती ने आरोप लगाया कि यदि पुलिस समय रहते कार्रवाई करती, तो घटना को टाला जा सकता था। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने महिला सुरक्षा के मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरते हुए बारुईपुर की घटना की तुलना हाथरस और उन्नाव जैसे चर्चित मामलों से की। एसयूसीआई के नेता तरुण नस्कर ने कहा कि गुमशुदगी की शिकायत मिलने के बाद पुलिस अधिक सक्रिय होती, तो बच्ची को बचाया जा सकता था।

इधर, ऋतब्रत बनर्जी गुट ने मंगलवार को बारुईपुर जाकर पीड़ित परिवार से मिलने और घटनास्थल का दौरा करने की घोषणा की है। इस बीच, बारुईपुर कांड को लेकर राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और विभिन्न दल इसे कानून-व्यवस्था तथा महिला सुरक्षा के बड़े मुद्दे के रूप में उठा रहे हैं।

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