

कोलकाता : राज्य में निपाह वायरस को लेकर बढ़ती चिंता के बीच गुरुवार को वायरस से संक्रमित नर्स की मौत की खबर सामने आयी। सूत्रों के अनुसार, गत 4 जनवरी को संक्रमित नर्स को बारासात के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। करीब 31 दिन तक चले लंबे इलाज के बाद गुरुवार की शाम नर्स की मौत हो गई। सूत्रों के अनुसार राज्य में निपाह वायरस से मौत का यह पहला मामला है। हालांकि, स्वास्थ्य भवन ने स्पष्ट किया कि मौत का मुख्य कारण कार्डियक अरेस्ट था, न कि निपाह वायरस। गौरतलब है कि महिला नर्स के साथ ही निपाह वायरस से संक्रमित एक अन्य पुरुष स्वास्थ्य कर्मी को भी बारासात के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। स्वास्थ्य कर्मी के पूर्ण रूप से स्वस्थ होने के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी।
हालांकि, महिला नर्स की स्थिति लगातार नाजुक बनी हुई थी। लंबे इलाज के दौरान उनके स्वास्थ्य में भी धीरे-धीरे सुधार हो रहा था। सूत्रों के मुताबिक, सीसीयू में भर्ती रहने के दौरान नर्स में सेकेंडरी संक्रमण के लक्षण पाए गए थे। विशेष रूप से नर्स के फेफड़ों में संक्रमण विकसित हुआ था। शारीरिक स्थिति बिगड़ने पर 11 फरवरी (बुधवार) को उन्हें वेंटिलेशन पर रखा गया था। गुरुवार को इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। स्वास्थ्य भवन ने बयान जारी कर कहा है कि मरीज की मौत का मुख्य कारण कार्डियक अरेस्ट था। अस्पताल में भर्ती के समय उनकी आरटी- पीसीर टेस्ट पॉजिटिव पायी गयी थी, लेकिन दूसरी जांच में रिपोर्ट नेगेटिव पायी गयी थी। विभाग के अनुसार, सीसीयू में इलाज के दौरान फेफड़ों में संक्रमण बढ़ने के कारण नर्स की स्थिति गंभीर हो गयी थी और अंततः उसी संक्रमण के चलते उनकी मौत हुई।