पश्चिम बंगाल के निवेशकों की संख्या 90 लाख के पार : तुहिन कांत पांडेय

सेबी चेयरमैन ने भारत चैंबर ऑफ कॉमर्स के कार्यक्रम में पूंजी बाजार के विकास, निवेशक सुरक्षा और वित्तीय जागरूकता पर दिया जोर
Kolkata
सेबी चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय
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कोलकाता : भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने कहा कि पिछले एक दशक में देश के पूंजी बाजार में व्यापक बदलाव आया है। बाजार का आकार, निवेशकों की भागीदारी और पूंजी जुटाने के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

शनिवार को कोलकाता में भारत चैंबर ऑफ कॉमर्स की ओर से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की अर्थव्यवस्था और पूंजी बाजार में भागीदारी लगातार बढ़ रही है।

भारत चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष नरेश पचिसिया की उपस्थिति में उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में पश्चिम बंगाल की अर्थव्यवस्था की विकास दर अनुमानित 7.6 प्रतिशत रही। राज्य में प्रतिभूति बाजार के निवेशकों की संख्या वित्त वर्ष 2014-15 के लगभग 12 लाख से बढ़कर 90 लाख से अधिक हो गई है।

इनमें करीब 36 प्रतिशत निवेशक 30 वर्ष से कम आयु के हैं। राज्य की 40 से अधिक लघु एवं मध्यम कंपनियों ने एसएमई आईपीओ के माध्यम से अब तक 1,400 करोड़ रुपये से अधिक की पूंजी जुटाई है।

पांडेय के अनुसार, पिछले दस वर्षों में भारतीय बाजार का मार्केट कैपिटलाइजेशन औसतन 17 प्रतिशत वार्षिक दर से बढ़ा है। म्यूचुअल फंड की परिसंपत्तियों में भी लगभग 20 प्रतिशत सालाना वृद्धि दर्ज की गई है।

देश में विशिष्ट निवेशकों की संख्या वित्त वर्ष 2018-19 के मुकाबले चार गुना बढ़कर 15 करोड़ से अधिक हो गई है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में 189 आईपीओ के जरिए 98 हजार करोड़ रुपये से अधिक जुटाए गए।

उन्होंने कहा कि सेबी का उद्देश्य कंपनियों के लिए पूंजी जुटाने की प्रक्रिया सरल बनाना, कारोबार में सुगमता बढ़ाना और निवेशकों के हितों की रक्षा करना है। इसके लिए आईपीओ प्रक्रिया में सुधार, डिजिटल सुविधाओं और शिकायत निवारण व्यवस्था को मजबूत किया गया है।

निवेशक सुरक्षा पर जोर देते हुए उन्होंने यूपीआई सत्यापन, सेबी चेक, स्कोर्स 2.0 और एमआईटीआरए जैसी सुविधाओं का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में 41 हजार से अधिक निवेशक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनसे 22 लाख से अधिक लोग लाभान्वित हुए।

उन्होंने निवेशकों से बाजार में निवेश से पहले जोखिम समझने और भ्रामक सलाह तथा त्वरित मुनाफे के प्रलोभनों से सावधान रहने की अपील की।

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