

मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : नेशनल ट्रेडर्स वेलफेयर बोर्ड (NTWB) ने राज्य के व्यापारी समुदाय के साथ एक विशेष सत्र आयोजित किया। यह पहल बोर्ड के मेंबर सिद्धार्थ मालू द्वारा बोर्ड के चेयरमैन सुनील जे. सिंधी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस अवसर पर भारत सरकार की छोटे व्यापारियों को सशक्त बनाने तथा स्वदेशी उत्पादों को सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता को दोबारा रेखांकित किया।
व्यापारियों के लिए सरकार की नई पहल
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत कार्य करने वाला यह बोर्ड व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए समर्पित है। बैठक में बताया गया कि सरकार व्यापारियों के लिए नियमों को सरल बनाने, उनकी शिकायतों के निवारण और बाजार में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने पर काम कर रही है।
GST सुधारों से मिली बड़ी राहत
समारोह में अध्यक्ष सुनील जे. सिंधी ने अर्थव्यवस्था में खुदरा क्षेत्र के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने विशेष रूप से 22 सितंबर 2025 से लागू हुए 'नेक्स्ट जेन जीएसटी' सुधारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन सुधारों से व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों को बड़ी बचत हुई है, जिसके सम्मान में देशभर के व्यापारियों ने 'जीएसटी बचत उत्सव' भी मनाया।
व्यापारियों के हितों की रक्षा: एक सरकारी प्रतिबद्धता
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन कार्यरत NTWB केवल एक सलाहकार निकाय नहीं, बल्कि छोटे व्यापारियों की आवाज है। कार्यक्रम के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि बोर्ड का प्राथमिक लक्ष्य देश के खुदरा व्यापार तंत्र को मजबूत करना है। इसमें सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना, सरकारी नियमों को सरल बनाना और व्यापारियों की शिकायतों का त्वरित निवारण करना शामिल है। बोर्ड देशभर में एक 'निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा' का वातावरण तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है।
बंगाल के व्यापारियों के लिए नए अवसर
सिद्धार्थ मालू ने सत्र के दौरान सरकारी योजनाओं और बजट के प्रमुख निष्कर्षों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विभिन्न देशों के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTAs) बंगाल के व्यापारियों के लिए निर्यात के नए द्वार खोल रहे हैं। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन्स (FIEO) के बोर्ड सदस्य होने के नाते उन्होंने विश्वास दिलाया कि वे सरकार और जमीनी स्तर के व्यापारियों के बीच एक मजबूत कड़ी के रूप में कार्य करेंगे। उनका उद्देश्य है कि बंगाल के जीवंत व्यापारिक समुदाय की हर समस्या और सुझाव को राष्ट्रीय नीति निर्माण में स्थान मिले।