अब जहां-तहां नहीं खिला सकेंगे कुत्तों को खाना

आवारा कुत्तों से दहशत, जेयू में सख्त सिफारिशें
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कोलकाता : जादवपुर विश्वविद्यालय परिसर में बढ़ती आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्त कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। इस मुद्दे पर गठित विशेष समिति ने कैंपस में कुत्तों को जगह-जगह खाना खिलाने पर रोक लगाने की सिफारिश की है।

समिति के अनुसार, विश्वविद्यालय परिसर में कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे छात्रों, कर्मचारियों और आम लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। समिति के एक सदस्य ने दावा किया कि 1 मई को बाहर से आए एक कुत्ते ने एक ही दिन में 32 लोगों को काट लिया था।

आशंका जताई गई है कि उस कुत्ते ने अन्य कुत्तों को भी काटा हो सकता है, लेकिन उसकी पहचान अब तक नहीं हो पाई है। समिति ने सुझाव दिया है कि विश्वविद्यालय के मुख्य गेट, सड़क और कैंटीन के आसपास कुत्तों को खाना देने पर रोक लगाई जाए। इसके बजाय, कुत्तों को खिलाने के लिए एक निर्धारित स्थान तय किया जाए।

साथ ही, उनके रहने के लिए भी अलग व्यवस्था करने की सिफारिश की गई है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बाहरी कुत्तों की एंट्री रोकने के लिए गेट के सामने खाना देना बंद करना जरूरी होगा। इसके अलावा, कुत्तों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए नसबंदी और वैक्सीनेशन अभियान चलाने की भी सिफारिश की गई है।

समिति ने इन सुझावों को लागू करने के लिए किसी स्वयंसेवी संस्था की मदद लेने की बात भी कही है। प्रशासन को उम्मीद है कि इन कदमों से परिसर में सुरक्षा और व्यवस्था बेहतर होगी।

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