

थानों को मिला पेट्रोलिंग का जिम्मा
बैंक लूट की खुफिया निगरानी जारी रखेगा डीडी
दीपक, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए कोलकाता पुलिस ने बैंक पेट्रोलिंग और सुरक्षा जांच की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब बैंक और वित्तीय संस्थानों के आसपास नियमित गश्त तथा सुरक्षा जांच की जिम्मेदारी संबंधित स्थानीय पुलिस स्टेशन की होगी। पहले यह जिम्मेदारी मुख्य रूप से डिटेक्टिव डिपार्टमेंट के एंटी डकैती स्क्वॉड के पास थी। नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।
थानों के बीट प्लान में शामिल होंगे सभी बैंक
नए आदेश के तहत प्रत्येक थाना प्रभारी (ओसी) को अपने इलाके के सभी बैंकों और संवेदनशील वित्तीय संस्थानों को नियमित बीट और पेट्रोलिंग प्लान में शामिल करना होगा। बैंकिंग समय के दौरान ही नहीं, बल्कि बैंकों के खुलने और बंद होने के वक्त भी विशेष पेट्रोलिंग की जाएगी। पुलिस उन समयों पर खास नजर रखेगी जिन्हें अपराध की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है।
सुरक्षा गार्ड से लेकर सीसीटीवी तक की होगी जांच
थाना पुलिस को बैंकों के नियमित दौरे के साथ वहां की सुरक्षा व्यवस्था की भी समय-समय पर समीक्षा करनी होगी। जांच के दौरान पुलिस सुरक्षा गार्ड की मौजूदगी और सक्रियता की जांच करेगी। सीसीटीवी कैमरों के काम करने की स्थिति देखेगी। अलार्म सिस्टम और अन्य सुरक्षा उपकरणों की जांच करेगी। बैंक के आसपास संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों पर नजर रखेगी। बैंक अधिकारियों और सुरक्षा कर्मचारियों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखेगी। किसी संभावित लूट, डकैती या अन्य आपराधिक गतिविधि से जुड़ी सूचना मिलने पर तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों और संबंधित विशेष इकाइयों को जानकारी देनी होगी।
एंटी डकैती स्क्वॉड का फोकस अब खुफिया जानकारी और बड़े ऑपरेशन पर
नई व्यवस्था में डिटेक्टिव डिपार्टमेंट का एंटी डकैती स्क्वॉड अब मुख्य रूप से बैंक लूट और डकैती से जुड़ी खुफिया जानकारी जुटाने और साझा करने पर ध्यान देगा। स्क्वॉड की जिम्मेदारियों में आदतन और संगठित अपराधियों की पहचान, नए अपराधी गिरोहों और उनके तौर-तरीकों का विश्लेषण तथा जरूरत पड़ने पर विशेष अभियान और जांच शामिल होगी। किसी मामले में विशेषज्ञता या विशेष खुफिया जानकारी की जरूरत होने पर एंटी डकैती स्क्वॉड संबंधित थानों को आवश्यक सहायता भी देगा।
बैंक लूट के अपराधियों और गैंग पर रहेगी नजर
डिटेक्टिव डिपार्टमेंट को थाना पुलिस के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने का निर्देश दिया गया है। डीडी को बैंकों से जुड़े ज्ञात अपराधियों, आपराधिक गिरोहों, उनके मॉडस ऑपरेंडी और उभरते खतरों से संबंधित खुफिया जानकारी थानों के साथ साझा करनी होगी।
त्योहार और कैश मूवमेंट पर अतिरिक्त सुरक्षा
किसी बैंक में बड़ी मात्रा में नकदी के आवागमन, त्योहार, विशेष आयोजन या किसी विश्वसनीय खतरे की स्थिति में अतिरिक्त पुलिस बल या विशेष टीम की जरूरत का आकलन संबंधित डीसीपी करेंगे। जरूरत पड़ने पर डिटेक्टिव डिपार्टमेंट के साथ समन्वय कर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी।
डीसीपी करेंगे बैंक पेट्रोलिंग की निगरानी
संबंधित असिस्टेंट कमिश्नर और डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस अपने-अपने इलाकों में बैंक पेट्रोलिंग व्यवस्था की निगरानी करेंगे और समय-समय पर इसकी समीक्षा करेंगे।