निवेश से पहले करें पहचान, फिर लगाएं पैसा!

कोलकाता पुलिस ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर लोगों को किया सतर्क
फाइल फोटो
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फर्जी ट्रेडिंग ऐप्स और ऑनलाइन निवेश घोटालों पर लगेगी लगाम

दीपक,सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है। ऑनलाइन निवेश के नाम पर बढ़ते साइबर फ्रॉड और फर्जी ट्रेडिंग ऐप्स के जाल से आम निवेशकों को बचाने के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) और गूगल ने मिलकर एक अहम पहल की है। अब गूगल प्ले स्टोर पर सेबी में पंजीकृत वित्तीय संस्थाओं के पात्र ऐप्स को खास 'वेरिफाइड बैज' के जरिए पहचानने में मदद मिलेगी। इससे निवेशकों के लिए असली और फर्जी ऐप्स के बीच अंतर करना आसान होगा।

इस बीच, कोलकाता पुलिस ने भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक जागरूकता वीडियो साझा कर लोगों को निवेश से पहले भुगतान प्राप्त करने वाले व्यक्ति या संस्था की पहचान और सत्यापन करने की सलाह दी है। पुलिस ने निवेशकों को आगाह किया है कि सिक्योरिटीज मार्केट में कोई भी भुगतान करने से पहले संबंधित संस्था की वैधता जरूर जांच लें।

फर्जी ऐप्स के जरिए हो रही है लाखों की ठगी

पिछले कुछ समय में ऑनलाइन निवेश और ट्रेडिंग के नाम पर साइबर ठगी के मामले तेजी से सामने आए हैं। साइबर अपराधी नामी ब्रोकरेज कंपनियों और निवेश प्लेटफॉर्म की नकल कर हूबहू दिखने वाले फर्जी ऐप तैयार करते हैं। इसके बाद सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप ग्रुप और फर्जी निवेश सलाह के जरिए लोगों को मोटे मुनाफे का लालच देकर अपने जाल में फंसाते हैं। कई मामलों में निवेशकों को नकली मुनाफा दिखाकर उनसे बड़ी रकम जमा कराई जाती है और बाद में पैसे निकालने का रास्ता बंद कर दिया जाता है।

गूगल प्ले स्टोर पर मिलेगा वेरिफाइड बैज

इसी तरह की धोखाधड़ी पर रोक लगाने के लिए गूगल और सेबी ने यह नई व्यवस्था शुरू की है। इसके तहत सेबी के साथ पंजीकृत पात्र ब्रोकर्स और वित्तीय संस्थाओं के ऐप्स को गूगल प्ले स्टोर पर विशेष वेरिफाइड पहचान दी जाएगी। गूगल प्ले के प्रबंध निदेशक आदित्य स्वामी के मुताबिक, भारत में अब तक लगभग 600 वित्तीय सेवा ऐप्स को यह वेरिफाइड लेबल दिया जा चुका है। आने वाले समय में अन्य पात्र शेयर बाजार से जुड़े ऐप्स को भी इस व्यवस्था में शामिल किया जाएगा।

सेबी का सुरक्षा मंत्र: सीवीवी अपनाएं, ठगी से बचें

निवेशकों की सुरक्षा के लिए सेबी ने 'सीवीवी' का आसान फॉर्मूला भी सुझाया है। इसका मतलब चेक वेलीडेट और वेरीफाई है। निवेश से पहले सेबी के सारथी ऐप में उपलब्ध 'सेबी चेक' फीचर के जरिए संबंधित बैंक खाते की जांच करें। भुगतान के लिए इस्तेमाल की जा रही यूपीआई आईडी की वैधता जांचें। सेबी ने पंजीकृत संस्थाओं के लिए '@valid' यूपीआई हैंडल की व्यवस्था शुरू की है, जिसमें अलग-अलग श्रेणियों के लिए विशेष प्रत्यय होते हैं। किसी भी ट्रेडिंग या निवेश ऐप को डाउनलोड करने से पहले गूगल प्ले स्टोर पर उसका वेरिफाइड बैज जरूर देखें।

'@valid' यूपीआई हैंडल से भी पहचान होगी आसान

कोलकाता पुलिस ने अपने जागरूकता संदेश में खास तौर पर '@valid' यूपीआई हैंडल और सेबी टूल का उल्लेख किया है। इसके जरिए निवेशक यह पुष्टि कर सकते हैं कि जिस संस्था को वे पैसे भेज रहे हैं, वह सेबी के साथ पंजीकृत है या नहीं। '@valid' यूपीआई हैंडल के साथ श्रेणी के अनुसार विशेष प्रत्यय जुड़े होते हैं, जिससे वैध वित्तीय संस्थाओं की पहचान करने में मदद मिलती है।


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