

कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस के भीतर लंबे समय से चल रही अंदरूनी खींचतान फिर से खुलकर सामने आने लगी है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री राजीव बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उन पर संगठन को कमजोर करने और अपने राजनीतिक व व्यक्तिगत जीवन को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है।
सोशल मीडिया प्रोफाइल से अभिषेक की तस्वीर हटाने के बाद राजीव ने कहा कि पार्टी में भ्रष्ट और अयोग्य नेताओं को बढ़ावा दिए जाने से संगठन की जड़ें कमजोर हुई हैं। राजीव का आरोप है कि उन्हें हावड़ा से हटाकर बिना किसी पूर्व चर्चा के डेबरा से उम्मीदवार बनाया गया, जिससे उनका राजनीतिक आधार प्रभावित हुआ।
उन्होंने दावा किया कि इस घटनाक्रम का उनके परिवार पर गहरा मानसिक असर पड़ा और उनकी पत्नी की तबीयत बिगड़ने के बाद उनका निधन हो गया। उन्होंने इसके लिए भी अभिषेक बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया। राजीव ने यह भी आरोप लगाया कि अभिषेक के संरक्षण में जिलों में विवादित और अयोग्य नेताओं को जिम्मेदारी दी गई।
उनका दावा है कि शुभेंदु अधिकारी ने भी अभिषेक के नेतृत्व को स्वीकार नहीं करने के कारण ही तृणमूल छोड़ी थी। साथ ही उन्होंने आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर चेतावनी देते हुए कहा कि अभिषेक बनर्जी द्वारा चुने गए उम्मीदवार 80 से 100 सीटों पर हार सकते हैं। उनके इस बयान से तृणमूल कांग्रेस के भीतर सियासी हलचल और तेज हो गई है।