

मधुर, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : स्वास्थ्य भवन ने सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। स्वास्थ्य भवन की ओर से सोमवार को जारी अधिसूचना में कहा गया कि निजी प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों को मरीजों की देखरेख की जिम्मेदारी से लंबे समय तक दूर रहने की अनुमति नहीं होगी। निर्देशिका के तहत डॉक्टरों और फैकल्टी सदस्यों को निजी प्रैक्टिस के बाद अनिवार्य रूप से अपनी ड्यूटी पर लौटना होगा। स्वास्थ्य भवन के निर्देश के अनुसार, सभी फैकल्टी और डॉक्टरों को निजी प्रैक्टिस के लिए ड्यूटी से जाने के बाद अधिकतम 72 घंटे के भीतर अपने संस्थान में वापस आना अनिवार्य होगा। इसके लिए संबंधित प्राधिकारी से अनुमति लेना भी जरूरी होगा।
आदेश में कहा गया है कि निजी प्रैक्टिस के लिए ड्यूटी से अनुपस्थित रहने की अवधि मरीजों की देखभाल और अस्पताल की सेवाओं को प्रभावित नहीं करनी चाहिए। अधिसूचना में पश्चिम बंगाल मेडिकल एजुकेशन सर्विस के नियमों का हवाला देते हुए कहा गया है कि मरीजों की बेहतर और लगातार निगरानी आवश्यक है। निर्देशिका में यह भी कहा गया है कि यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू होगी और इसका उद्देश्य मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। स्वास्थ्य भवन ने सभी मेडिकल कॉलेजों के प्रिंसिपल, निदेशकों और संबंधित अधिकारियों को आदेश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।