

कोलकाता : न्यू टाउन में आवासीय इमारतों का नियमों के विरुद्ध व्यावसायिक इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ न्यू टाउन कोलकाता डेवलपमेंट अथॉरिटी (NKDA) ने कार्रवाई तेज कर दी है।
प्राधिकरण ने पिछले एक पखवाड़े के दौरान ऐसी 38 आवासीय इमारतों के मालिकों को कामकाज बंद करने संबंधी नोटिस जारी किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, इन इमारतों में बिना आवश्यक अनुमति के व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।
निरीक्षण में सामने आया बिना अनुमति व्यावसायिक गतिविधियों का मामला
NKDA की ओर से न्यू टाउन में इमारतों के इस्तेमाल से जुड़े नियमों के अनुपालन की जांच के लिए नियमित सर्वेक्षण और निरीक्षण किए जा रहे हैं। इसी दौरान 38 आवासीय भवनों में अनधिकृत व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने का पता चला। प्राधिकरण के रिकॉर्ड के मुताबिक, इन भवनों को व्यावसायिक उपयोग की अनुमति नहीं दी गई थी।
अधिकारियों ने बताया कि निरीक्षण के दौरान संबंधित भवन मालिक ऐसी गतिविधियों के समर्थन में आवश्यक दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं कर सके, जिनसे उनके इस्तेमाल को अधिकृत साबित किया जा सके। इसके बाद प्राधिकरण ने संबंधित मालिकों को नोटिस जारी कर गैर-आवासीय गतिविधियां बंद करने का निर्देश दिया।
कई इकाइयों के पास अग्निशमन लाइसेंस भी नहीं
मामले में एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू अग्नि सुरक्षा से जुड़ा है। अधिकारियों के अनुसार, जांच में यह भी सामने आया कि कई व्यावसायिक इकाइयां अग्निशमन लाइसेंस के बिना संचालित हो रही थीं। इससे भवनों में सुरक्षा संबंधी नियमों के पालन को लेकर भी सवाल उठे हैं।
NKDA ने अपने नोटिस में स्पष्ट किया है कि संबंधित इमारतों में निर्धारित नियमों के विपरीत गैर-आवासीय गतिविधियां नहीं चलाई जानी चाहिए। प्राधिकरण की यह कार्रवाई न्यू टाउन में भवनों के स्वीकृत उपयोग और नियोजन संबंधी नियमों को लागू करने के उद्देश्य से की जा रही है।
40 प्रतिशत क्षेत्र में व्यावसायिक उपयोग की अनुमति, लेकिन शर्तें लागू
राज्य सरकार ने जुलाई 2015 में न्यू टाउन की आवासीय इमारतों में कुछ शर्तों के साथ व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति देने का प्रावधान किया था। इसके तहत भवन के कुल फ्लोर एरिया के अधिकतम 40 प्रतिशत हिस्से का व्यावसायिक इस्तेमाल किया जा सकता है।
हालांकि, इसके लिए निर्धारित नियमों का पालन करना और न्यू टाउन कोलकाता डेवलपमेंट अथॉरिटी से पहले अनुमति लेना आवश्यक है। अधिकारियों के मुताबिक, केवल निर्धारित सीमा के भीतर व्यावसायिक गतिविधियां चलाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्राधिकरण की पूर्व अनुमति और अन्य लागू शर्तों का पालन भी जरूरी है। इसी नियम के आधार पर अनधिकृत व्यावसायिक इस्तेमाल के मामलों में कार्रवाई की जा रही है।