ऋतब्रत गुट की बैठक
ऋतब्रत गुट की बैठक

निगम चुनाव में अकेले उतरेगी ऋतब्रत तृणमूल

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कोलकाता और हावड़ा की सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी

भाजपा और एनसीपीआई के साथ गठबंधन की अटकलें खारिज

दुर्गापूजा के बाद पश्चिम बंगाल में एक बार फिर चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। नवंबर के अंतिम सप्ताह में कोलकाता और हावड़ा नगर निगम के चुनाव होने की संभावनाओं के बीच ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाली लोकतांत्रिक तृणमूल कांग्रेस ने अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया है।

पार्टी के अध्यक्ष अरूप राय ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी। बाईपास के पास स्थित तृणमूल कार्यालय में हुई बैठक में अरूप राय के अलावा ऋतब्रत बनर्जी, मदन मित्रा और फिरहाद हकीम समेत अन्य नेता मौजूद थे। अरूप राय के मुताबिक, बैठक में चुनाव चिह्न के संबंध में चुनाव आयोग को हलफनामा देने के मुद्दे पर चर्चा हुई। पार्टी फिलहाल चुनाव चिह्न और आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार कर रही है। इसके बाद चुनावी तैयारियों को गति दी जाएगी।

उन्होंने कोलकाता और हावड़ा की सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारने की कोशिश की बात कही। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की फ्लोर टेस्ट संबंधी टिप्पणी के बाद लोकतांत्रिक तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच संभावित गठबंधन को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं। अरूप राय ने इसे खारिज करते हुए कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से भाजपा के साथ जाने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने एनसीपीआई के साथ किसी भी तरह के संबंध से भी इनकार किया।

वहीं, फिरहाद हकीम ने कहा कि दूसरे लोग कहां और क्या कह रहे हैं, इसकी जिम्मेदारी उनकी पार्टी की नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक तृणमूल कांग्रेस अकेले चुनाव लड़ेगी और कोलकाता नगर निगम में किसे जगह मिलेगी, इसका फैसला जनता करेगी।

हालांकि, पार्टी के भीतर गठबंधन को लेकर अलग-अलग विचार सामने आए हैं। विधायक मदन मित्रा ने भाजपा को हराने के लिए सभी समान विचारधारा वाले दलों के एकजुट होकर चुनाव लड़ने की जरूरत बताई। उनका तर्क है कि अलग-अलग चुनाव लड़ने से विपक्षी वोटों का बंटवारा हो सकता है।

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