

विधाननगर : एनआईए ने उस्मान हादी हत्याकांड के दो मुख्य आरोपितों से इस सप्ताह दमदम जेल में पूछताछ करने की तैयारी कर ली है। विधाननगर की विशेष अदालत ने एनआईए को जेल के अंदर पूछताछ की अनुमति देते हुए दोनों आरोपितों को 2 अप्रैल तक जेल हिरासत में भेज दिया है। बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने 8 मार्च को गिरफ्तार किए गए बांग्लादेशी नागरिक राहुल उर्फ फैजल करीम मसूद और आलमगीर हुसैन को 14 दिनों की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद रविवार को में पेश किया। एनआईए ने विशेष अदालत से जेल में दोनों से पूछताछ की अनुमति मांगी, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया। साथ ही, जांच के लिए अनलॉफुल एक्टिविटीज (प्रिवेंशन) एक्ट (यूएपीए) की धारा 16 और 18 को आरोपियों के खिलाफ लागू करने की अनुमति भी दी गई । जेल वापस ले जाते समय फैजल ने पत्रकारों से कहा, ‘मैंने उस्मान हादी की हत्या नहीं की। यह पूरी घटना जमात-ए-इस्लामी की साजिश है।’ उसने आगे कहा, ‘हादी पर इतना हंगामा क्यों? बांग्लादेश के लोग भी हादी को लेकर पागल हैं। आखिर वह कौन है? वह तो बस जमात का एक उग्रवादी है।’
ढाका पुलिस ने फैजल को मुख्य हमलावर बताया
ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने पहले ही फैजल को 12 दिसंबर 2025 को ढाका में उस्मान हादी पर हुए हमले का मुख्य शूटर करार दिया था। हमले में गंभीर रूप से घायल हादी को सिंगापुर के अस्पताल में ले जाया गया, जहां 18 दिसंबर को उसकी मौत हो गई । एसटीएफ ने फैजल और अन्य आरोपियों की पूछताछ के आधार पर 14 मार्च को नदिया के शांतिपुर बाईपास से बांग्लादेशी दलाल फिलिप सांगमा को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, फिलिप ने फैजल और उसके साथियों को भारत में अवैध रूप से प्रवेश कराने में मदद की थी। दोनों आरोपी हादी पर हमले के बाद मेघालय सीमा से भारत में घुसे और कई ठिकाने बदलने के बाद सीमा क्षेत्र के शहर में छिपे थे।
बांग्लादेश ने मांगा प्रत्यर्पण
आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद ढाका में 9 मार्च को बांग्लादेश पुलिस के महानिरीक्षक (आईजीपी) अली हुसैन फकीर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों के माध्यम से कूटनीतिक प्रयास तेज किए जा रहे हैं ताकि आरोपियों को प्रत्यर्पित किया जा सके। दोनों देशों के बीच चल रही संयुक्त जांच में यह मामला महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गया है।