श्रीरामपुर रामनवमी हिंसा मामले में एनआईए ने दाखिल की चार्जशीट

43 आरोपियों के खिलाफ 101 पन्नों की चार्जशीट विशेष NIA अदालत में पेश
फाइल फोटो
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सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : वर्ष 2023 में रामनवमी की शोभायात्रा को लेकर श्रीरामपुर में हुई हिंसा के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने बड़ा दावा किया है। हाल ही में एजेंसी ने इस मामले में 43 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट में एनआईए अधिकारियों ने मोहम्मद साकिर अली को कथित तौर पर हिंसा की साजिश का मुख्य सूत्रधार बताया है। साकिर अली पूर्व सांसद अपरूपा पोद्दार के पति हैं। एनआईए की चार्जशीट के मुताबिक, 2 अप्रैल 2023 को रामनवमी के अवसर पर रिसड़ा के चारुनगर समिति इलाके से हजारों लोगों की मौजूदगी में शोभायात्रा निकाली गई थी। जुलूस में डीजे बजाए जाने के दौरान दो समुदायों के बीच तनाव बढ़ने का आरोप है। इसके बाद दोनों पक्षों में कहासुनी और कथित तौर पर गाली-गलौज शुरू हो गई। जांच एजेंसी का दावा है कि देखते ही देखते स्थिति गंभीर हो गई और दोनों पक्षों के बीच ईंट-पत्थर चलने लगे। साथ ही हथियारों के प्रदर्शन के आरोप भी सामने आए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को अवैध जमावड़ा घोषित करते हुए वहां से हटने का निर्देश दिया। चार्जशीट के अनुसार, पुलिस के निर्देश के बावजूद स्थिति शांत नहीं हुई। आरोप है कि इसके बाद पुलिसकर्मियों पर लाठियों, ईंट और पत्थरों से हमला किया गया। एनआईए ने जांच के दौरान कई तलवारें बरामद होने का भी दावा किया है।

घर से बारूद बरामद होने का दावा

एनआईए की चार्जशीट में गिरफ्तार आरोपी कामरान कुरैशी उर्फ शाहरुख कुरैशी के घर से विस्फोटक पदार्थ अथवा बारूद बरामद होने का भी उल्लेख किया गया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि हिंसा के पीछे राजनीतिक उद्देश्य से साजिश रची गई थी और इस साजिश में मोहम्मद साकिर अली की कथित भूमिका थी। हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत की सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगा। मामले में शुरुआत में श्रीरामपुर थाने में शिकायत दर्ज की गई थी। बाद में कलकत्ता हाई कोर्ट के निर्देश पर मामले की जांच एनआईए को सौंप दी गई। अब एजेंसी द्वारा दाखिल चार्जशीट के आधार पर मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया चलेगी।

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