

कोलकाता : अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर के प्रमुख भारतीय-अमेरिकी सामुदायिक नेता और मेयर कार्यालय के अंतरराष्ट्रीय मामलों के पूर्व उप आयुक्त दिलीप चौहान ने कहा कि स्टार्टअप कंपनियों के लिए कारोबार शुरू करने और विस्तार के उद्देश्य से पूंजी जुटाने के लिहाज से न्यूयॉर्क एक बेहतर स्थान है।
उन्होंने कहा कि न्यूयॉर्क वैश्विक तकनीक और निवेश का प्रमुख केंद्र होने के साथ अंतरराष्ट्रीय कारोबार के विस्तार के लिए भी बेहतरीन अवसर प्रदान करता है।
मर्चेंट्स चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एमसीसीआई) की ओर से रविवार को पार्क होटल में ‘भारत-अमेरिका सामुदायिक संबंधों को मजबूत बनाना’ विषय पर आयोजित परिचर्चा में उन्होंने ये बातें कहीं।
चौहान ने बताया कि न्यूयॉर्क में 40 लाख से अधिक लोग रहते हैं और वहां 4,000 से ज्यादा स्टार्टअप तथा 32 यूनिकॉर्न कंपनियां सक्रिय हैं। पिछले वर्ष शहर में वेंचर कैपिटल के माध्यम से 25.6 अरब डॉलर से अधिक का निवेश जुटाया गया।
उन्होंने यह भी बताया कि न्यूयॉर्क प्रशासन हर साल वस्तुओं और सेवाओं की खरीद पर 45 अरब डॉलर खर्च करता है। इस खर्च में अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना उनका लक्ष्य है।
चौहान ने कहा कि न्यूयॉर्क में एक लाख से अधिक भारतीय-अमेरिकियों के सुविधा स्टोर हैं। भारतीय उद्यमियों के पास वहां कारोबार बढ़ाने की अच्छी संभावनाएं हैं। न्यूयॉर्क के स्कूलों में दिवाली पर सार्वजनिक अवकाश घोषित कराने में भी उनकी अहम भूमिका रही है।
कार्यक्रम में वॉव मोमो के सह-संस्थापक एवं सीईओ सागर दरयानी ने बताया कि कंपनी का कारोबार 1,200 करोड़ रुपये का है और 102 शहरों में 7,200 कर्मचारी कार्यरत हैं। कंपनी न्यूयॉर्क में आउटलेट खोलने के साथ दिसंबर में श्रीलंका में भी विस्तार की योजना बना रही है।
एमसीसीआई अध्यक्ष मुनीश झाझरिया ने स्वागत भाषण दिया, जबकि वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनिरुद्ध झुनझुनवाला ने धन्यवाद ज्ञापन किया।