न्यू मार्केट अग्निकांड: 25 और होटलों को दमकल का शोकॉज

धर्मतल्ला इलाके में अब तक 16 होटल सील
फाइल फोटो
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मधुर, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : न्यू मार्केट इलाके में मंगलवार की देर रात एक होटल में आग लगने की घटना के बाद अवैध रूप से चल रहे होटल-रेस्तरां के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई तेज हो गई है। शनिवार की सुबह से कोलकाता नगर निगम, दमकल विभाग और न्यू मार्केट थाने की संयुक्त टीम ने इलाके के कई होटल और रेस्तरां का निरीक्षण किया। इस दौरान अग्निसुरक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियां मिलने पर 25 होटल-रेस्तरां को शोकॉज (कारण बताओ) नोटिस जारी किया गया है। उल्लेखनीय है कि घटना के बाद से कार्रवाई का दायरा लगातार बढ़ा है। गुरुवार को दमकल विभाग ने 13 होटलों को शोकॉज किया था। इसके बाद शुक्रवार को 17 होटलों को 24 घंटे के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया गया था। शनिवार को अग्निशमन व्यवस्था में कथित अनियमितताओं को लेकर 25 और होटल एवं रेस्तरां को नोटिस जारी किया गया है।

कई होटलों के पास नहीं मिले वैध दस्तावेज

केएमसी के रिकॉर्ड के मुताबिक, इलाके की कई इमारतें मूल रूप से आवासीय उपयोग के लिए हैं। इनमें होटल कारोबार चलाने के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी। आरोप है कि निरीक्षण के दौरान कई प्रतिष्ठान वैध नगर निगम दस्तावेज और फायर लाइसेंस भी प्रस्तुत नहीं कर सके। कुछ जगहों पर अग्निशमन की पर्याप्त व्यवस्था और रिजर्वर की न्यूनतम सुविधा तक नहीं पाई गई। प्रशासनिक टीम औचक दौरे से कई होटल संचालकों में हड़कंप मच गया। दस्तावेज और अग्निसुरक्षा से जुड़े दस्तावेज की जांच के दौरान गंभीर खामियां सामने आने के बाद 25 प्रतिष्ठानों को शोकॉज नोटिस जारी किया गया।

जवाब नहीं देने पर सील की कार्रवाई

गौरतलब है कि बीते दो दिनों में जिन होटलों को 24 घंटे के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया गया था, उनमें कई ने समय सीमा के भीतर जवाब नहीं दिया। कुछ होटल संचालकों ने जवाब तो दिया, लेकिन उनके दस्तावेजों और स्पष्टीकरण में भी कथित तौर पर कई कमियां पाई गईं। शनिवार को ऐसे तीन और होटलों को सील कर दिया गया। इसके पहले शुक्रवार को 13 होटल सील किए गए थे। इस तरह धर्मतल्ला इलाके में अब तक कुल 16 होटल को दमकल विभाग ने सील किया है। न्यू मार्केट और धर्मतल्ला जैसे घनी आबादी वाले इलाके में बिना पर्याप्त अग्निसुरक्षा व्यवस्था के होटल कारोबार चलने को लेकर प्रशासन पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि केएमसी, दमकल विभाग और पुलिस की निगरानी के बावजूद कथित तौर पर ये अनियमितताएं लंबे समय तक कैसे चलती रहीं।

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