

कोलकाता : विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस के बैंक खातों में कथित तौर पर करीब 370 करोड़ रुपये जमा होने को लेकर पार्टी के भीतर नया विवाद खड़ा हो गया है। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले ‘विद्रोही’ तृणमूल गुट ने इस रकम के स्रोत, जमा होने के समय और इस्तेमाल पर सवाल उठाते हुए मामले को अदालत में ले जाने की तैयारी शुरू कर दी है। विपक्षी गुट का कहना है कि पूरे मामले की जानकारी बैंक अधिकारियों और अदालत को दी जाएगी।
दरअसल, ‘असल’ तृणमूल और कालीघाट गुट के बीच चल रहे विवाद के दौरान पार्टी के चार बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए थे। कालीघाट गुट ने इन खातों के संचालन की अनुमति मांगी थी, लेकिन मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया। इसी बीच खातों में बड़ी रकम जमा होने का दावा सामने आया है।
ऋतब्रत गुट का आरोप है कि इतनी बड़ी राशि के स्रोत और उससे जुड़े लेन-देन का विस्तृत ऑडिट होना चाहिए। गुट ने पार्टी के 21 कार्यालयों के किराये और करीब 250 कर्मचारियों के वेतन पर हर महीने होने वाले कथित भारी खर्च का हिसाब भी सार्वजनिक करने की मांग की है। उनका सवाल है कि पार्टी के खातों में जमा राशि का इस्तेमाल किस मद में किया जा रहा है और इसकी निगरानी किस स्तर पर हो रही है।
इसी बीच, एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 में तृणमूल कांग्रेस को क्षेत्रीय दलों में दूसरा सबसे अधिक 184.96 करोड़ रुपये का चंदा मिला था। रिपोर्ट के अनुसार, इसमें 99 प्रतिशत से अधिक राशि चेक और डिमांड ड्राफ्ट के जरिए प्राप्त हुई थी।
अब बैंक खातों में कथित 370 करोड़ रुपये जमा होने के दावे ने पार्टी के भीतर वित्तीय पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले में कालीघाट गुट की प्रतिक्रिया का इंतजार है।