सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : केंद्रीय जीएसटी एवं केंद्रीय उत्पाद शुल्क विभाग के हजारों अधीक्षकों ने लंबित सेवा संबंधी मांगों के समाधान के लिए राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू किया है। ऑल इंडिया एसोसिएशन ऑफ सुपरिंटेंडेंट्स ऑफ सेंट्रल टैक्स (AIASCT) ने केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) और संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करने के लिए चरणबद्ध विरोध कार्यक्रम की घोषणा की है। एसोसिएशन का आरोप है कि कैडर में पदोन्नति के अवसरों की कमी के कारण अनेक अधिकारी लगभग तीन दशक की सेवा के बाद भी केवल एक पदोन्नति के साथ सेवानिवृत्त होने को विवश हैं। आंदोलन का निर्णय 12 और 13 सितंबर 2026 को भोपाल में आयोजित एसोसिएशन की केंद्रीय कार्यकारिणी समिति (CEC) की बैठक में लिया गया। बैठक में देशभर से आए प्रतिनिधियों ने पदोन्नति, सेवा शर्तों, कैरियर प्रगति और अधिकारियों के कल्याण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर आवश्यक प्रस्ताव पारित किए।
पदोन्नति और कैडर पुनर्गठन प्रमुख मांग
AIASCT की प्रमुख मांगों में वर्ष 2014 के बाद की अखिल भारतीय वरिष्ठता सूचियों (AISLS) को शीघ्र अंतिम रूप देकर जारी करना तथा सहायक आयुक्त के पद पर पदोन्नति के लिए लंबित विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की प्रक्रिया पूरी करना शामिल है। एसोसिएशन का कहना है कि बार-बार अभ्यावेदन देने के बावजूद पात्र अधिकारी पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे हैं। एसोसिएशन व्यापक कैडर पुनर्गठन की भी मांग कर रही है। पिछला पुनर्गठन वर्ष 2014 में हुआ था, जबकि इसकी समीक्षा प्रत्येक पांच वर्ष में अपेक्षित थी। एक दशक से अधिक समय बीतने के बावजूद नया पुनर्गठन नहीं होने से अधिकारियों के कैरियर में ठहराव की स्थिति बनी हुई है। अन्य मांगों में न्यायालयों के निर्णयों का सभी जोन में समान क्रियान्वयन, अधीक्षक ग्रेड में तदर्थ पदोन्नतियों का नियमितीकरण, पात्र अधिकारियों को नॉन-फंक्शनल अपग्रेडेशन (NFU) देना तथा एक जनवरी 1996 से संबंधित वेतन निर्धारण के मुद्दे का समाधान और बकाया राशि का भुगतान शामिल है।
दिसंबर तक विरोध कार्यक्रम
एसोसिएशन के घोषित कार्यक्रम के अनुसार, एक नवंबर को सोशल मीडिया के माध्यम से लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। इसके बाद 23 से 27 नवंबर तक अधिकारी काली पट्टी बांधकर विरोध जताएंगे। नौ दिसंबर को देशभर के मुख्यालयों पर भोजनावकाश के दौरान प्रदर्शन और गेट मीटिंग आयोजित की जाएगी। AIASCT ने चेतावनी दी है कि मांगों पर ठोस एवं समयबद्ध कार्रवाई नहीं होने पर वर्क-टू-रूल, असहयोग आंदोलन, आधिकारिक कार्यों के लिए निजी मोबाइल फोन का उपयोग बंद करने और धरना जैसे कार्यक्रम शुरू किए जा सकते हैं। एसोसिएशन ने सभी अधीक्षकों से एकजुटता के साथ आंदोलन में भाग लेने तथा AICEIA और CIRSA से समर्थन की अपील की है। साथ ही, अधिकारियों के वैध सेवा अधिकारों और बेहतर कैरियर प्रगति के लिए संबंधित प्राधिकारियों के साथ रचनात्मक संवाद जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई है।