

कोलकाता : नंदिग्राम विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। एक नए मामले में हल्दिया अदालत ने उन्हें 5 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजने का निर्देश दिया है। नंदिग्राम में 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है।
ऐसे में मतदान से ठीक एक दिन पहले तक उनके जेल में रहने की स्थिति बनी हुई है। बता दें कि सोमवार को मिलन की हल्दिया और कांथी महकमा अदालत में वर्चुअल माध्यम से पेशी हुई।
2007 के पुराने मामलों के बाद नया मुकदमा भी दर्ज
मिलन प्रधान को पिछले शुक्रवार को पूर्व मेदिनीपुर के चंडीपुर से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के अनुसार, उनके खिलाफ नंदीग्राम थाने में तीन और खेजुरी थाने में एक मामला दर्ज है। इनमें हत्या, हत्या के प्रयास समेत कई आरोप शामिल हैं।
वर्ष 2007 के मामलों को लेकर गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हुई थी। इसके बाद नंदीग्राम थाने में उनके खिलाफ एक नया मामला दर्ज किया गया।
हाई कोर्ट में याचिका, मंगलवार को सुनवाई
मिलन के वकील ने बताया कि हल्दिया और कांथी अदालत में एक ही समय सुनवाई होने के कारण उनकी वर्चुअल पेशी कराई गई। कांथी अदालत ने उपलब्ध दस्तावेजों और तथ्यों को देखने के बाद मिलन को 23 सितंबर को सशरीर पेश करने का निर्देश दिया है।
वहीं, उनके खिलाफ दर्ज मामलों की संख्या और विवरण को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है, जिस पर मंगलवार को सुनवाई होनी है। वहीं कांग्रेस ने चुनाव प्रचार में बाधा डालने के आरोप भी लगाए हैं, जबकि भाजपा ने इन आरोपों को खारिज किया है।