

रामबालक, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : नरेंद्रपुर थाना क्षेत्र के नाजिराबाद इलाके में हुए भीषण अग्निकांड में पुलिस ने अब तक केवल एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। अभियुक्त का नाम गंगाधर दास है, जो पेशे से डेकोरेटर व्यवसायी हैं। बुधवार को पुलिस ने उसे बारुईपुर अनुमंडल अदालत में पेश किया, जहां अदालत ने उसकी जमानत याचिका खारिज करते हुए 8 दिनों की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया। अदालत में पेशी के दौरान आरोपित गंगाधर दास ने अपनी दलील में कहा, “देश में जब विमान हादसे होते हैं, तब न तो विमान कंपनी के किसी अधिकारी को और न ही विमान के मालिक को गिरफ्तार किया जाता है। ऐसे में केवल संपत्ति किराये पर देने के कारण मुझे मालिक होने के नाते कैसे जिम्मेदार ठहराया जा सकता है?” इस मामले को लेकर अदालत कक्ष में तीखी बहस देखने को मिली। अभियुक्त की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता ने बताया कि गंगाधर दास की उम्र लगभग 72 वर्ष है और वे कई गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं। उनके द्वारा स्थापित संस्थानों में 500 से 600 लोग कार्यरत हैं, जिनकी आजीविका उन पर निर्भर करती है। इसके अलावा उन्होंने स्कूल और कॉलेज भी स्थापित किए हैं। ऐसे व्यक्ति को इस अग्निकांड का दोषी ठहराना न्यायसंगत नहीं है। बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि वर्ष 2016 से अभियुक्त उक्त परिसर के वैध होल्डर हैं, लेकिन वर्ष 2023 से उन्होंने आनंदपुर स्थित संपत्ति किराये पर दे दी थी। किराये के अनुबंध में स्पष्ट रूप से यह उल्लेख था कि गोदाम में किसी भी प्रकार के खतरनाक या ज्वलनशील पदार्थ का भंडारण नहीं किया जाएगा। यदि किरायेदारों ने नियमों का उल्लंघन किया और उससे दुर्घटना हुई, तो इसके लिए मालिक को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। अधिवक्ता ने यह भी कहा कि गोदाम में हो रही गतिविधियों में मालिक का कोई प्रत्यक्ष हस्तक्षेप नहीं था। वहीं दूसरी ओर, सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि गोदाम में दो कंपनियां काम कर रही थीं। एक गोदाम की जिम्मेदारी स्वयं अभियुक्त के पास थी, जबकि दूसरे में ‘गंगा फ्लोरिस्ट’ नामक कंपनी संचालित हो रही थी, जहां एलपीजी सिलिंडर, कपड़े और अन्य ज्वलनशील पदार्थ मौजूद थे। ऐसी खतरनाक सामग्रियों की निगरानी करना मालिक की जिम्मेदारी थी, जिससे वह बच नहीं सकते। मामले की गहन जांच के लिए पुलिस ने हिरासत की मांग की, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।