आग  लगी के बाद की तस्वीर (फाइल)
आग लगी के बाद की तस्वीर (फाइल)

नाजीराबाद अग्निकांड : मृतकों की संख्या बढ़कर 25 हुई

आनंदपुर हादसे पर शुरू हुई सियासी तकरार
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रामबालक, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : नरेंद्रपुर थानांतर्गत नाजीराबाद इलाके के दो गोदामों में लगी भीषण आग की घटना में लापता लोगों की तलाश में गुरुवार को जले गोदाम में अर्थ मूवर लाया गया। जले हुए सामान के ढेर में काफी देर तक खोजबीन के बाद कई और शव के अवशेष बरामद किए गए। इसके साथ ही अब तक मिले शव के हिस्सों की संख्या बढ़कर 25 हो गई है। हालांकि, ये सभी एक ही व्यक्ति के हैं या अलग-अलग लोगों के, यह अभी स्पष्ट नहीं है। मौके पर अर्थ मूवर से तलाश जारी है और आशंका जताई जा रही है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। बरामद अवशेष किसके हैं, उनकी पहचान के लिए प्रशासन ने डीएनए मैपिंग कराने का फैसला किया है। जानकारी के अनुसार 25 जनवरी की देर रात आनंदपुर के नाजीराबाद में एक डेकोरेटर्स के गोदाम में आग लग गई थी। आग पास में स्थित मोमो बनाने की फैक्ट्री तक फैल गई। 27 जनवरी को आग पर काबू पाया गया, जबकि पॉकेट फायर धीरे-धीरे बुझायी गयी। इस हादसे के बाद 28 परिवारों की ओर से अपने परिजनों के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई गई है। आरोप है कि गोदाम में पर्याप्त अग्निशमन व्यवस्था नहीं थी। इधर, अपने प्रियजनों का कोई सुराग नहीं मिलने से लापता लोगों के परिवार गहरे सदमे में हैं। शव के हिस्सों की बरामदगी ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है। इस घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। गुरुवार को विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के घटनास्थल पर पहुंचने के पहले ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बुधवार मध्यरात्रि से घटनास्थल पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 163 (पूर्व में आईपीसी की धारा 144) लागू कर दी गई। इसे लेकर शुभेंदु अधिकारी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने पूरे मामले में राज्य प्रशासन पर सवाल उठाये थे। इसी कारण धारा 163 लागू की गई है। शुभेंदु का कहना है कि इस धारा के तहत 28 जनवरी शाम 5 बजे से 30 मार्च तक घटनास्थल के 100 मीटर के दायरे में पांच से अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगा दी गई है। उनका आरोप है कि यह आदेश उन्हें उस इलाके में जाने से रोकने के लिए दिया गया है।

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