आस्था का डिजिटल रूप, नागा साधु ने स्वीकारा ऑनलाइन दान

सांकेतिक फोटो
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रामबालक, सन्मार्ग संवाददाता

गंगासागर : जिला प्रशासन के अनुमान के अनुसार इस वर्ष गंगासागर मेले में एक करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है। गुरुवार से गंगासागर मेला शुरू हो गया है। जिला प्रशासन की ओर से मेला कार्यालय में एक और कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह मेला 17 जनवरी तक चलेगा। पहले ही तीर्थयात्रियों की भीड़ बढ़ने लगी है। अधिकांश श्रद्धालुओं का लक्ष्य 14 जनवरी को मकर संक्रांति के पावन स्नान में शामिल होना है। इस वर्ष कुंभ मेला नहीं होने के कारण गंगासागर मेले में रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद जताई जा रही है।

इस बीच मेले में तीर्थयात्रियों का ध्यान एक अनोखे दृश्य ने आकर्षित किया है। कपिलमुनि मंदिर से सटे साधुओं के अखाड़े में एक नागा साधु ने ऑनलाइन प्रणामी लेने की व्यवस्था कर सबको चौंका दिया है। आधुनिक तकनीक और संन्यास जीवन के इस अनूठे मेल के कारण करीब साठ वर्षीय नागा साधु ओमखचा गिरि अब ‘फोन पे बाबा’ के नाम से प्रसिद्ध हो गए हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी वे दिसंबर की शुरुआत में हरिद्वार से गंगासागर पहुंचे हैं। हालांकि, इस वर्ष उनके अखाड़े में एक नई व्यवस्था जोड़ी गई है। दो सप्ताह पहले बैंक जाकर उन्होंने एक खाता खुलवाया और ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा शुरू की। इसके बाद अखाड़े में एक क्यूआर कोड और स्कैनर लगाया गया, जिसके माध्यम से ऑनलाइन प्रणामी स्वीकार की जा रही है। देश के विभिन्न हिस्सों से लाखों श्रद्धालु गंगासागर मेले में आते हैं। लंबी बस और ट्रेन यात्राओं के बाद कई बार उनके पास पर्याप्त नकदी या छुट्टे पैसे नहीं होते। इसी असुविधा को ध्यान में रखते हुए नागा साधु ने ऑनलाइन प्रणामी लेने का फैसला किया। नागा बाबा ने बताया कि स्कैनर के साथ एक साउंड बॉक्स भी जुड़ा है। जैसे ही कोई भक्त ऑनलाइन प्रणामी भेजता है, साउंड बॉक्स हिंदी में राशि की घोषणा कर देता है, जिससे उन्हें तुरंत जानकारी मिल जाती है। उन्होंने कहा, “यह व्यवस्था भक्तों की सुविधा के लिए है। जो जितना चाहे, खुले दिल से दान करे, उसी में मैं संतुष्ट हूं।” ओमखचा गिरि नागा बाबा की इस पहल को देखकर पास के अखाड़ों के साधु-संतों में भी उत्साह देखा जा रहा है। एक अन्य नागा साधु तीर्थनाथ ने कहा, “हम भी ऑनलाइन प्रणामी लेना चाहते हैं।”

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