चुनावी माहौल में नवान्न ने जारी की SOP

राज्य सरकारी कर्मचारियों के बकाया महंगाई भत्ता (DA) को लेकर आखिरकार प्रशासनिक प्रक्रिया स्पष्ट हो गई है।
फाइल फोटो।
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प्रसेनजीत, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता: राज्य सरकारी कर्मचारियों के बकाया महंगाई भत्ता (DA) को लेकर आखिरकार प्रशासनिक प्रक्रिया स्पष्ट हो गई है। लंबे इंतज़ार और कानूनी जटिलताओं के बाद राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए बकाया डीए के भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस संबंध में वित्त विभाग ने 9 बिंदुओं वाला एक विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी किया है, जिससे यह साफ हो गया है कि बकाया राशि किस तरह तैयार होगी और कर्मचारियों तक कैसे पहुंचेगी।

विधानसभा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के दिन ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया के माध्यम से बकाया DA चुकाने की घोषणा की थी। चुनाव से ठीक पहले आई इस घोषणा के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई थी। इसके दो दिन बाद वित्त विभाग ने आधिकारिक अधिसूचना जारी की, लेकिन भुगतान की प्रक्रिया को लेकर कर्मचारियों के बीच भ्रम बना हुआ था। अब नई SOP जारी होने के बाद यह स्थिति काफी हद तक साफ हो गई है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव से ठीक पहले यह फैसला और उसके बाद त्वरित SOP जारी करना, कर्मचारियों के असंतोष को कम करने की एक बड़ी प्रशासनिक कोशिश है। अब नजर इस बात पर है कि यह प्रक्रिया कितनी जल्दी पूरी होती है और राज्य के लाखों कर्मचारियों तक उनका बकाया DA कब तक पहुंचता है।

सरकार द्वारा जारी SOP के अनुसार

* बकाया DA का बिल ऑनलाइन सिस्टम (HRMS) से बनेगा

* DDO (अधिकारी) ही पूरा प्रोसेस संभालेंगे

* पोर्टल पर कर्मचारियों का बकाया विवरण दिखेगा

* हर कर्मचारी को मिलने वाली रकम साफ दिखाई देगी

* सभी जानकारी चेक करने के बाद बिल तैयार होगा

* बिल के साथ जरूरी फॉर्म अपने आप बन जाएगा

* काम कर रहे कर्मचारियों का पैसा GPF खाते में जाएगा

* ग्रुप-D और रिटायर्ड कर्मचारियों को पैसा सीधे बैंक खाते में मिलेगा

* जिनका नाम छूटेगा, उन्हें बाद में शामिल किया जाएगा

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