मुकुंदपुर में तृणमूल-भाजपा में हिंसक झड़प, हुमायूं कबीर घायल
कई दौर की झड़प और लाठीचार्ज से देर शाम तक तनाव
तृणमूल युवा नेता उपासना चौधरी से बदसलूकी का आरोप
तृणमूल सांसदों ने पुलिस की भूमिका पर उठाए सवाल
ममता बनर्जी ने फोन कर घायलों की जानकारी ली
प्रसेनजीत, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता :
पार्टी कार्यालय पर कब्जे और तृणमूल के पूर्व विधायक देवव्रत मजुमदार के घर में कथित तोड़फोड़ को लेकर मंगलवार को मुकुंदपुर तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच हिंसक टकराव का केंद्र बन गया।
पूर्वी जादवपुर थाने में डिपुटेशन देने निकले तृणमूल के जुलूस के दौरान शुरू हुआ विवाद कई दौर की झड़प में बदल गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर दोनों पक्षों को मौके से हटाया। घटना में तृणमूल नेता और पूर्व आईपीएस अधिकारी हुमायूं कबीर गंभीर रूप से घायल हो गए। तृणमूल का आरोप है कि थाने के गेट के पास उन पर हमला किया गया।
पार्टी की आईटी सेल प्रमुख उपासना चौधरी ने भी आरोप लगाया कि उनके साथ मारपीट और बदसलूकी की गई तथा उनके कपड़े और दुपट्टा खींचा गया। उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों पर भी हमले का आरोप लगाया। तृणमूल सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने घटना की तस्वीरें साझा करते हुए इसे पार्टी कार्यकर्ताओं पर हमला बताया और सवाल किया, “पुलिस कहां है?” सागरिका घोष और महुआ मोइत्रा ने भी पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए। महुआ ने दावा किया कि कबीर घायल अवस्था में थाने के भीतर थे। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
तृणमूल के अनुसार, ममता बनर्जी ने पार्टी नेताओं को घायलों की स्थिति की जानकारी लेने और उनके इलाज की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने फोन पर घायलों से बात कर उनकी स्थिति की जानकारी भी ली।
दूसरी ओर, भाजपा ने तृणमूल के आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि उसके एक कार्यकर्ता के साथ पहले मारपीट की गई। पूरे मामले में पुलिस के विस्तृत बयान और जांच के नतीजे का इंतजार है।

