100 से ज्यादा होटलों को सील करने का नोटिस

आग के बाद प्रशासन सख्त, फायर सेफ्टी की जांच तेज
न्यू मार्केट की  होटल में लगायी नोटिस को देखती हुई मंत्री अग्निमित्रा पाल
न्यू मार्केट की होटल में लगायी नोटिस को देखती हुई मंत्री अग्निमित्रा पालAmit Moulick
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दीपक,सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : मिर्जा गालिब स्ट्रीट स्थित फ्लोरेंस मैंशन की एक गेस्ट हाउस में बुधवार को लगी भीषण आग में नौ लोगों की मौत के बाद शहर के होटल और गेस्ट हाउस प्रशासन के रडार पर आ गए हैं। फायर डिपार्टमेंट, कोलकाता नगर निगम , पुलिस और सीईएससी की संयुक्त टीम ने कार्रवाई तेज करते हुए शनिवार तक शहर के 100 से अधिक होटलों को बंद करने के नोटिस जारी किए। होटल उद्योग से जुड़े लोगों के मुताबिक, पिछले तीन दिनों में शहर में करीब 1,500 होटल कमरे बंद हो चुके हैं।

क्रिस्टल समेत कई होटलों पर कार्रवाई

शनिवार को बंद कराए गए होटलों में होटल क्रिस्टल, सिटी गेस्ट हाउस, होटल अक्षय पैलेस, आरआर गेस्ट हाउस समेत मार्क्विस स्ट्रीट और फ्री स्कूल स्ट्रीट इलाके के कई होटल शामिल हैं। नोटिस जारी होने के कुछ ही घंटों के भीतर होटल प्रबंधन को मेहमानों से परिसर खाली कराने को कहा गया।

होटल मालिकों का सवाल,''इतनी जल्दी कार्रवाई क्यों?''

प्रशासन की कार्रवाई से होटल मालिकों और कर्मचारियों में नाराजगी है। होटल क्रिस्टल के मैनेजर दिप्तो साहा ने दावा किया कि उनके होटल में फायर अलार्म, स्मोक डिटेक्टर, वाटर स्प्रिंकलर और अतिरिक्त प्रवेश-निकास की व्यवस्था मौजूद थी। हालांकि, होटल का फायर लाइसेंस अप्रैल में समाप्त हो गया था और नए लाइसेंस के लिए आवेदन किया गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि आवेदन क्यों मंजूर नहीं हुआ और होटल को तत्काल बंद करने का फैसला किस आधार पर लिया गया।

कर्मचारियों को नौकरी और पूजा बोनस की चिंता

होटलों के बंद होने का सीधा असर कर्मचारियों पर भी पड़ रहा है। मार्क्विस स्ट्रीट के बोरान गेस्ट हाउस के कर्मचारी चैतन्य दास ने बताया कि होटल मालिक ने कर्मचारियों को होटल दोबारा खुलने तक लंबी छुट्टी पर जाने को कहा है। कर्मचारियों को अब नौकरी और आगामी पूजा बोनस को लेकर चिंता सताने लगी है।

होटल एसोसिएशन कानूनी रास्ता अपनाने की तैयारी में

कोलकाता के 350 से अधिक होटल, गेस्ट हाउस, लॉज और रेस्तरां का प्रतिनिधित्व करने वाले होटल एसोसिएशन के सदस्यों ने शनिवार को बैठक कर मौजूदा स्थिति पर चर्चा की। एसोसिएशन ने केएमसी और दमकल विभाग की अचानक शुरू हुई कार्रवाई पर चिंता जताई। एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि होटल मालिकों को सुरक्षा मानकों को पूरा करने के लिए कम से कम एक-दो महीने का समय दिया जाना चाहिए। उनका दावा है कि कई होटलों में बांग्लादेश से इलाज के लिए आने वाले मरीज और उनके परिजन ठहरते हैं, ऐसे में अचानक होटल बंद होने से उन्हें भी परेशानी हो रही है। एसोसिएशन मामले में कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहा है और अगले सप्ताह आगे की रणनीति तय की जाएगी।

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