

कोलकाता : कोलकाता पुलिस के एक कर्मी के खिलाफ एक युवती ने छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज करायी है। युवती का आरोप है कि पुलिस कर्मी ने घर पर किसी के नहीं होने का फायदा उठाकर उसके साथ छेड़छाड़ की। वह इस घटना से बहुत डरी हुई है। वह शिकायत करने के लिए पुलिस स्टेशन जाने से भी डर रही है। उसने ईमेल के जरिए कसबा पुलिस स्टेशन में अधिकारी के खिलाफ़ शिकायत दर्ज कराई है। मामले ने उस वक्त और गंभीर मोड़ ले लिया जब डीसी ने लालबाजार में वरिष्ठ अधिकारियों से सलाह लेकर यह जांच के आदेश दिए कि क्या 6 जनवरी को ईमेल के जरिए भेजी गई पीड़िता की शिकायत को जानबूझकर दबाया गया। लालबाजार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘हमने जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने का फैसला किया है। पीड़िता के खिलाफ एक चोरी का मामला दर्ज किया गया और वहीं सब-इंस्पेक्टर के खिलाफ छेड़छाड़ का मामला दर्ज हुआ। जांच अधिकारी का तर्क था कि चोरी की शिकायत 6 जनवरी को शाम 6 बजे मिली थी, जबकि छेड़छाड़ की शिकायत रात में आई, इसलिए उसने इसे जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण माना। लेकिन एसओपी के अनुसार, किसी भी महिला की शिकायत को गंभीरता से लेना अनिवार्य है। इसी वजह से हम जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार पीड़ित युवती सोनारपुर थाना इलाके की रहने वाली है। उसे कसबा थाना इलाके में कोलकाता पुलिस अधिकारी के घर पर आया सेंटर के जरिए खाना बनाने की नौकरी मिली थी। वह उसी हिसाब से काम पर जाती थी। आरोप है कि खाना बनाते समय उस पर पुलिस अधिकारी की बुरी नजर पड़ गई। फिर युवती का आरोप है कि पुलिस अधिकारी ने घर पर किसी के नहीं होने का फायदा उठाकर उसके साथ छेड़छाड़ की। उसके मुताबिक, घर के दूसरे सदस्यों के जाने के बाद, आरोपित पुलिस अधिकारी आया और उसे पीछे से गले लगा लिया और उसे बदनाम करने की कोशिश की। उसने इसका विरोध किया। फिर उस पर चोरी का आरोप लगाया गया। यह भी आरोप है कि उससे जबरदस्ती एक सफेद कागज पर कुछ लिखवाया गया। इस घटना के बाद पीड़िता मानसिक रूप से टूट गई है। वह पुलिस स्टेशन भी नहीं जा सकी। उसने ईमेल के जरिए कसबा पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
इस बीच, आरोपित सब-इंस्पेक्टर की पत्नी ने सभी आरोपों को झूठा बताते हुए दावा किया कि केयरगिवर ने नौकरी छोड़ने से पहले घर से सामान चुराया था। उल्लेखनीय है कि मीडिया में प्रसारित शिकायत पत्र पर पुलिस की कोई रिसिप्ट या मुहर भी नहीं है।