मोबिस इंडिया फाउंडेशन ने दिव्यांगजनों को दिए विशेष व्हीलचेयर उपकरण

मोबिस इंडिया फाउंडेशन ने  दिव्यांगजनों को दिए विशेष व्हीलचेयर उपकरण
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सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : मोबिस इंडिया फाउंडेशन ने कोलकाता में 32 व्हीलचेयर उपयोगकर्ताओं को उनकी शारीरिक जरूरतों के अनुसार तैयार किए गए गतिशीलता उपकरण प्रदान किए। सिलीगुड़ी में 28 लाभार्थियों को सहायता देने के साथ पश्चिम बंगाल में इस पहल के तहत कुल 60 दिव्यांगजन लाभान्वित हुए।

यह पहल मोबिस इंडिया फाउंडेशन के 6.3 करोड़ रुपये के राष्ट्रीय कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसके तहत आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 600 व्हीलचेयर उपयोगकर्ताओं को सहायता दी जा रही है। कार्यक्रम का उद्देश्य दिव्यांगजनों को स्वतंत्र रूप से आने-जाने में मदद करना और शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सेवाओं तथा सामाजिक गतिविधियों तक उनकी पहुंच बढ़ाना है।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास में विकसित सहायक तकनीक कंपनी नियोमोशन के सहयोग से लाभार्थियों को नियोफ्लाई व्हीलचेयर और नियोबोल्ट मोटर चालित उपकरण उपलब्ध कराए गए। प्रत्येक लाभार्थी की शारीरिक स्थिति और जरूरतों का आकलन करने के बाद उपकरणों को उनके अनुरूप तैयार किया गया।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय चलन अक्षमता संस्थान (दिव्यांगजन) के निदेशक डॉ. ललित नारायण, उपनिदेशक सौगता बनर्जी, सहायक निदेशक डॉ. अमीद इकबाल और कृत्रिम अंग एवं अस्थि विभाग के प्रभारी प्रकाश साहू उपस्थित थे।

मोबिस इंडिया फाउंडेशन की ओर से सीएसआर प्रभारी संतोष श्रीवास्तव, सीएसआर कार्यकारी अधिकारी इन्फेंट रोशिना, लॉजिस्टिक्स के उप महाप्रबंधक सुषांत कुमार बेहरा और सहायक प्रबंधक सुदीप चक्रवर्ती शामिल हुए।

इन्फेंट रोशिना ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें सम्मान के साथ जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित करना है। डॉ. ललित नारायण ने कहा कि व्यक्तिगत जरूरतों के अनुरूप गतिशीलता उपकरण दिव्यांगजनों की स्वतंत्रता और सामाजिक भागीदारी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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