फ़ाइल फोटो
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ममता-अभिषेक के बिना TMC प्रत्याशियों की 'अग्निपरीक्षा'

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प्रतीक विवाद सुलझने तक प्रचार से दूर रहेंगी ममता

आंखों के इलाज के लिए अमेरिका में हैं अभिषेक

प्रसेनजीत, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता :

विधानसभा उपचुनाव में कालीघाट खेमे के प्रत्याशियों के सामने अब चुनौती बढ़ गई है। एक ओर तृणमूल कांग्रेस के ‘जोड़ा फूल’ चुनाव चिह्न को लेकर चुनाव आयोग का फैसला लंबित है, वहीं दूसरी ओर पार्टी की शीर्ष नेतृत्व जोड़ी ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी भी फिलहाल चुनाव प्रचार से दूर है।

सूत्रों के मुताबिक रेजीनगर के कालीघाट खेमे के प्रत्याशी रबिउल आलम चौधरी ने बुधवार को नामांकन के बाद यह जानकारी दी। इससे पहले मंगलवार को उन्होंने कालीघाट में ममता बनर्जी से मुलाकात की थी। रबिउल के मुताबिक, ममता ने कहा कि चुनाव चिह्न को लेकर फैसला होने के बाद ही वह प्रचार में उतरेंगी।

6 अक्टूबर को नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है। दोनों सीटों पर तृणमूल के ममता और ऋतब्रत—दोनों खेमों ने अपने-अपने प्रत्याशी उतारे हैं। ऐसे में कालीघाट खेमे के उम्मीदवारों को स्थानीय संगठन और नेताओं के सहारे चुनाव अभियान आगे बढ़ाना होगा। अभिषेक बनर्जी फिलहाल आंखों के इलाज के लिए अमेरिका में हैं।

ऐसे में ममता और अभिषेक दोनों की गैरमौजूदगी में प्रत्याशियों पर प्रचार अभियान को गति देने की अतिरिक्त जिम्मेदारी होगी। नामांकन के दौरान ऋतब्रत खेमे के प्रत्याशियों के साथ कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी देखी गई। अब कालीघाट खेमे के सामने चुनौती है कि शीर्ष नेतृत्व की गैरमौजूदगी में दोनों सीटों पर चुनाव अभियान को किस तरह धार दी जाए।

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