‘मिशन नंदीग्राम’ पर कांग्रेस का फोकस, ताकत दिखाने की तैयारी
तृणमूल के समर्थन से कांग्रेस को वोटों के ‘डिविडेंड’ की उम्मीद
मिलन प्रधान की जमानत पर फैसले के बाद तय होगी ‘नंदीग्राम चलो’ की रणनीति
प्रसेनजीत, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता :
नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में तृणमूल कांग्रेस के समर्थन के बाद कांग्रेस ने अब अपनी चुनावी ताकत दिखाने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रदेश कांग्रेस ने ‘मिशन नंदीग्राम’ के तहत राज्यभर से कार्यकर्ताओं और समर्थकों को जुटाने का फैसला किया है।
मंगलवार को विधान भवन में पश्चिम बंगाल के प्रभारी पर्यवेक्षक प्रकाश जोशी से इस संबंध में सवाल किए जाने पर उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी समेत सभी भाजपा-विरोधी दलों का समर्थन कांग्रेस के लिए निश्चित तौर पर लाभकारी होगा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार पहले ही ‘नंदीग्राम चलो’ का ऐलान कर चुके हैं।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, जिलों को इसकी सूचना दे दी गयी है और जिला अध्यक्षों से निर्धारित कार्यक्रम के तहत कार्यकर्ताओं व समर्थकों के साथ नंदीग्राम पहुंचने को कहा गया है। बस या ट्रेन, कार्यकर्ता अपनी सुविधा के अनुसार पहुंचेंगे। इस अभियान की रूपरेखा कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की जमानत पर भी निर्भर करेगी।
बुधवार को हाईकोर्ट में उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई होनी है। जमानत मिलने पर कांग्रेस नेता मिलन प्रधान को साथ लेकर नंदीग्राम जाएंगे। वहीं, जमानत नहीं मिलने पर पार्टी के नेता और कार्यकर्ता ही अभियान में शामिल होंगे। हालांकि, ‘नंदीग्राम चलो’ की तारीख अभी तय नहीं हुई है।
इसी बीच प्रदेश कांग्रेस ने नंदीग्राम उपचुनाव के मतगणना केंद्र और स्ट्रांग रूम को हल्दिया सरकारी स्कूल से स्थानांतरित किए जाने पर आपत्ति जतायी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र भेजकर कांग्रेस ने हल्दिया सरकारी स्कूल में ही मतगणना केंद्र और स्ट्रांग रूम बनाए रखने की मांग की है।

