लॉन्च हुआ मंत्री दिलीप घोष का गाना 'झालमुड़ी'

इको पार्क में हुआ गीत का लोकार्पण, सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ वीडियो
Kolkata
दिलीप घोष का गाना
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कोलकाता : पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष अब राजनीति के साथ-साथ गायकी को लेकर भी चर्चा में हैं। शनिवार को न्यू टाउन स्थित इको पार्क में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उनके नए बंगाली गीत 'झालमुड़ी' का औपचारिक लोकार्पण किया गया।

गीत रिलीज होते ही इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा और समर्थकों के साथ-साथ आम लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बन गया।

लोकप्रिय बंगाली स्नैक को बनाया गीत का विषय

'झालमुड़ी' गीत को गीतकार और संगीतकार लोकेश गिरी तथा उनकी पत्नी रीमाश्री ने लिखा और संगीतबद्ध किया है। गीत में पश्चिम बंगाल के प्रसिद्ध स्ट्रीट फूड 'झालमुड़ी' की तैयारी और उसके स्वाद को हल्के-फुल्के अंदाज में प्रस्तुत किया गया है। इसके साथ ही गीत में हालिया विधानसभा चुनाव के दौरान 'झालमुड़ी' को लेकर बनी राजनीतिक चर्चाओं को भी प्रतीकात्मक रूप से जोड़ा गया है।

"मैंने सिर्फ गायक बनने की कोशिश की" : दिलीप घोष

गीत के लोकार्पण समारोह में दिलीप घोष ने कहा कि गीतकारों ने उनसे यह गीत गाने का आग्रह किया था और उन्होंने केवल एक नए अनुभव के तौर पर इसे गाया। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान 'झालमुड़ी' एक राजनीतिक चर्चा का विषय बन गई थी, इसलिए इस पर गीत बनाने का विचार सामने आया। घोष ने कहा कि उन्होंने पूरी ईमानदारी से गायक की भूमिका निभाने का प्रयास किया है।

रिकॉर्डिंग के समय से ही बना हुआ था माहौल

इस गीत की रिकॉर्डिंग कुछ दिन पहले न्यू टाउन के चिनार पार्क स्थित एक स्टूडियो में हुई थी। रिकॉर्डिंग के दौरान के वीडियो सोशल मीडिया पर पहले ही वायरल हो चुके थे, जिसके बाद गीत को लेकर उत्सुकता काफी बढ़ गई थी। आधिकारिक लॉन्च के बाद पूरा वीडियो सामने आते ही इसे बड़ी संख्या में लोग देख और साझा कर रहे हैं।

सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया

गीत रिलीज होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई लोगों ने दिलीप घोष के नए अंदाज और उनके आत्मविश्वास की सराहना की, वहीं कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक प्रचार से जोड़कर भी देखा। हालांकि अधिकांश प्रतिक्रियाओं में गीत की धुन, बोल और प्रस्तुति को मनोरंजक बताया गया।

चुनाव में भी चर्चा में रही थी 'झालमुड़ी'

गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक झालमुड़ी विक्रेता के यहां रुककर झालमुड़ी खाने के बाद यह बंगाली स्नैक राजनीतिक चर्चाओं का हिस्सा बन गया था।

भाजपा ने चुनाव अभियान के दौरान भी 'झालमुड़ी' का कई बार उल्लेख किया था और चुनाव परिणाम आने के बाद समर्थकों ने झालमुड़ी बांटकर जीत का जश्न भी मनाया था। ऐसे में इसी पृष्ठभूमि को आधार बनाकर इस गीत की रचना की गई है।

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