निश्चित रूप से जिम्मेदारी और बढ़ गयी है : दीपक बर्मन

शिक्षा, बुनियादी ढांचे और जनकल्याण से जुड़े मुद्दों पर कर रहे हैं काम
दीपक बर्मन
दीपक बर्मन
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कोलकाता : उत्तर बंगाल के अलीपुरदुआर जिले के फालाकाटा में जब भी शिक्षा, विकास और जनसेवा की चर्चा होती है, तो दीपक बर्मन का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। एक शिक्षक, समाजसेवी, विधायक और अब कैबिनेट मंत्री के रूप में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है।

कैबिनेट मंत्री के रूप में दीपक बर्मन शिक्षा, बुनियादी ढांचे और जनकल्याण से जुड़े मुद्दों पर काम कर रहे हैं। विनम्र स्वभाव, सहज उपलब्धता और जमीनी जुड़ाव ने उन्हें फालाकाटा के लोगों के बीच सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि भरोसेमंद जनप्रतिनिधि बना दिया है।

साधारण परिवार में जन्मे दीपक बर्मन के पिता सुरेश चंद्र बर्मन ने उन्हें शिक्षा और सामाजिक मूल्यों का संस्कार दिया। यही कारण है कि उन्होंने राजनीति में आने से पहले शिक्षा के क्षेत्र को अपना कर्मक्षेत्र बनाया। नॉर्थ बंगाल यूनिवर्सिटी से अंग्रेजी में एम.ए. और बी.एड. की पढ़ाई पूरी करने के बाद वे देओगांव हाई स्कूल के प्रधानाध्यापक बने।

स्कूल के प्रांगण से लेकर गांव की गलियों तक लोगों की समस्याओं को समझना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था। शिक्षण के दौरान ही उन्होंने महसूस किया कि समाज में व्यापक बदलाव के लिए नीति निर्माण में भागीदारी जरूरी है। इसी सोच के साथ वे भारतीय जनता पार्टी से जुड़े और संगठन में सक्रिय भूमिका निभाई।

वर्ष 2021 में फालाकाटा (एससी) विधानसभा क्षेत्र से जीत हासिल कर पहली बार विधायक बने। उनकी जीत को उत्तर बंगाल में भाजपा के बढ़ते प्रभाव का प्रतीक माना गया। राजनीतिक सफर में एक नया अध्याय तब जुड़ा, जब उन्हें राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई।

शपथ ग्रहण के बाद अपनी भावना व्यक्त करते हुए दीपक बर्मन ने कहा, “यह एक अनोखी अनुभूति है। एक युग का अवसान हुआ है, लेकिन निश्चित रूप से हमारी जिम्मेदारी और बढ़ गई है। अधूरे कार्यों को आगे बढ़ाकर पूरा करना होगा। मुझे चाहे जो भी विभाग मिले, मेरा लक्ष्य बंगाल को और अधिक विकसित और समृद्ध बनाने के लिए काम करना होगा।”

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