

सतीश, सन्मार्ग संवाददाता
हुगली : तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के निर्देश पर राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य शनिवार को डानकुनी पहुंचीं और मृतका हसीना बेगम (60) के घर गईं। आरोप है कि हसीना का नाम 2002 की मतदाता सूची में नहीं था। एसआईआर प्रक्रिया को लेकर चिंतित रहने के कारण हृदयाघात से उनकी मृत्यु हो गई। मृतका अपने पीछे दो पोतियां एक पोता छोड़ गई हैं। मंत्री चंद्रिमा ने कहा, “इन तीनों बच्चों की सहायता के लिए राज्य सरकार ने एक-एक लाख रुपये, कुल तीन लाख रुपये का अनुदान दिया है। यह राशि फिलहाल फिक्स्ड डिपॉजिट में जमा है। अठारह वर्ष पूरे होने पर यह राशि बच्चों को मिल जाएगी। राज्य सरकार हर संभव सहायता करेगी, जिसमें शिक्षा और स्वास्थ्य शामिल है।” मृतका की जेठानी रुकसाना बेगम ने कहा, “बच्चे हमारे पास रहते हैं। सरकार सहयोग कर रही है, इसके लिए आभारी हूं।” परिजनों ने बताया कि हसीना पिछले कई दिनों से एसआईआर फॉर्म को लेकर परेशान थीं। स्थानीय कार्यकर्ताओं ने आश्वासन दिया था, लेकिन डर बना रहा। शुक्रवार रात अचानक सीने में दर्द हुआ और अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया। वहीं, अभिषेक बनर्जी के निर्देश पर तृणमूल छात्र परिषद की प्रदेश अध्यक्ष जया दत्त और तृणमूल युवा कांग्रेस की जिला अध्यक्ष प्रियंका अधिकारी शनिवार शाम सेवड़ाफुली गरबागान रेड लाइट क्षेत्र पहुंचीं। उन्होंने मृतका बिति दास (45) के परिजनों से मुलाकात की। बिति का भी नाम 2002 की सूची में नहीं था। चिंता के कारण हृदयाघात से मौत हो गई। नेताओं ने वहां की सेक्स वर्करों को भरोसा दिलाया कि एसआईआर प्रक्रिया से डरने की कोई जरूरत नहीं है। जया दत्त ने कहा, “ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी आपके साथ हैं। कोई आपको घर से नहीं निकालेगा।”
उल्लेखनीय है कि गरबागान की अधिकांश सेक्स वर्करों के नाम 2002 की मतदाता सूची में नहीं हैं। कई दशकों से यहां रह रही हैं, लेकिन दस्तावेजों के अभाव में डर बना हुआ है। तृणमूल नेताओं ने घर-घर जाकर जागरूकता अभियान चलाने का ऐलान किया।