

रामबालक, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : मिनी गंगासागर कहे जानेवाले आउट्राम घाट में आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए राज्य प्रशासन ने काफी व्यवस्थाएं की हैं। कई साधुओं के लिए अलग से टीन की शेड और लाइट की व्यवस्था की गई है। वहीं इस बार आउट्राम घाट पर यानी मिनी गंगासागर मेले में चोरी की बढ़ती घटनाओं ने साधु-संतों की चिंता बढ़ा दी है। मेले में आए साधु-संतों के सामान और मोबाइल फोन चोरी होने की लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे मेला परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इन घटनाओं को लेकर साधु-संतों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। साधु-संतों का कहना है कि मेला शुरू होने के कुछ ही दिनों के भीतर असामाजिक तत्वों ने चोरी की वारदात को अंजाम देना शुरू कर दिया है। खासकर रात के समय सुरक्षा व्यवस्था ढीली होने के कारण चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं। साधु-संतों ने मेला प्रांगण में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने और रात में नियमित पुलिस गश्त की मांग की।
साधु संतों का बयान :
कामाख्या से पधारे नागा साधु पगला बाबा ने बताया कि वे पिछले 15 वर्षों से कुछ दिन आउट्राम घाट में रुकने के बाद गंगासागर में ट्रेन से जाते हैं। मगर इस बार पहली बार कुछ ही दिन रुकने के बाद उनका मोबाइल फोन चोरी हो गया। उन्होंने आगे बताया कि इस संबंध में स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। मोबाइल में कई महत्वपूर्ण लिंक और संपर्क जुड़े हुए थे। उन्होंने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, सोमनाथ महाराज ने बताया कि मेला विधिवत आरंभ होने के कुछ दिनों बाद ही असामाजिक तत्वों ने उनके सामान की चोरी कर ली। इस घटना से उन्हें भारी परेशानी हो रही है और वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। साधु पंचम नाथ ने बताया कि उनकी झोली, रुपये और दस्तावेज चोरी हो गये। अब देखना होगा कि प्रशासन इन शिकायतों को कितनी गंभीरता से लेता है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर क्या कदम उठाता है।