-->

‘नकली’ नागालैंड लाइसेंस पर मिनी फिरोज ने खरीदी थी विदेशी 9 एमएम पिस्तौल

कुख्यात के पास से कई हथियार और कारतूस भी किये गये बरामद
फाइल फोटो
फाइल फोटो
Published on

दीपक, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : कुख्यात अपराधी और इलाके में 'मिनी फिरोज' के नाम से चर्चित फिरोज को गिरफ्तार करने के बाद लालबाजार के जासूसों ने उसके कब्जे से एक विदेशी 9 एमएम पिस्टल, मैगजीन और अन्य हथियार बरामद किए हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने कथित तौर पर नागालैंड के फर्जी हथियार लाइसेंस के आधार पर यह पिस्तौल खरीदी थी। पुलिस को आशंका है कि इसी फर्जी लाइसेंस का इस्तेमाल कर उसने बड़ी मात्रा में कारतूस भी खरीदे, जिनका उपयोग अवैध मुंगेरी पिस्तौल बनाने में किया गया। पुलिस ने मिनी फिरोज और उसके एक सहयोगी के पास से तीन अन्य पिस्तौल, एक वन-शटर तथा बड़ी संख्या में कारतूस भी बरामद किए हैं। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन अवैध हथियारों का निर्माण किसने किया और इनके पीछे कौन-सा नेटवर्क सक्रिय है।

मिनी फिरोज के खिलाफ दर्ज हैं 37 आपराधिक मामले

पुलिस के अनुसार, मिनी फिरोज के खिलाफ तपसिया, आनंदपुर सहित पूर्वी कोलकाता के विभिन्न थानों में हत्या के प्रयास, मारपीट, रंगदारी और शस्त्र अधिनियम समेत कुल 37 आपराधिक मामले दर्ज हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि वह इलाके के कारोबारियों और प्रमोटरों को धमकाने के लिए विदेशी 9 एमएम पिस्तौल का इस्तेमाल करता था और उन्हें यह विश्वास दिलाता था कि उसके पास मौजूद हथियार पूरी तरह असली हैं। वहीं, उसके गिरोह के अन्य सदस्य अवैध मुंगेरी पिस्तौल और वन-शटर लेकर चलते थे। पुलिस के मुताबिक, कुछ महीने पहले गिरफ्तारी के डर से मिनी फिरोज कोलकाता छोड़कर बिहार भाग गया था। उसने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया था और बिहार के विभिन्न स्थानों पर छिपकर रह रहा था। गुप्त सूचना के आधार पर जब वह कोलकाता लौट रहा था, तभी डिटेक्टिव विभाग की टीम ने डानकुनी टोल प्लाजा के पास उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके घर और अन्य ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान विदेशी 9 एमएम पिस्टल और उसके नाम पर जारी एक कथित फर्जी नागालैंड हथियार लाइसेंस बरामद हुआ। जांच में पता चला कि लाइसेंस पर आरोपी का नाम दर्ज था, लेकिन उसमें नागालैंड का फर्जी पता इस्तेमाल किया गया था। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि लाइसेंस बनवाने के लिए आरोपी ने कथित तौर पर फर्जी पहचान पत्र का भी इस्तेमाल किया था। प्राथमिक जांच के अनुसार, आरोपी ने इसी फर्जी लाइसेंस के आधार पर कोलकाता की एक हथियार दुकान से पिस्टल खरीदी थी। लालबाजार के जासूस अब उस दुकान से भी जानकारी जुटा रहे हैं। पुलिस का मानना है कि आरोपी का असली उद्देश्य केवल पिस्टल खरीदना नहीं था, बल्कि लाइसेंस के जरिए बड़ी मात्रा में 9 एमएम कारतूस हासिल करना भी था। जांच अधिकारियों को संदेह है कि खरीदे गए अधिकांश कारतूसों का इस्तेमाल विदेशी पिस्तौल में नहीं, बल्कि अवैध मुंगेरी पिस्तौल में किया गया। पुलिस के अनुसार, मिनी फिरोज और उसका गिरोह इन अवैध हथियारों का इस्तेमाल रंगदारी वसूलने, लोगों में दहशत फैलाने और आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए करता था। फिलहाल पुलिस पूरे हथियार तस्करी नेटवर्क, फर्जी लाइसेंस तैयार करने वाले गिरोह और अवैध हथियार बनाने वालों की पहचान करने की दिशा में जांच कर रही है।

Google पर संवाद सर्च बनाएं →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in