वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की मजबूती : 7% से अधिक वृद्धि दर बरकरार

Merchants' Chamber of Commerce & Industry द्वारा विशेष सत्र आयोजित
वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की मजबूती : 7% से अधिक वृद्धि दर बरकरार
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‘India’s Growth Story – Navigating Global Challenges’ पर Sanjeev Sanyal का संबोधन

सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : Merchants' Chamber of Commerce & Industry (एमसीसीआई) ने पार्क होटल में ‘India’s Growth Story – Navigating Global Challenges’ विषय पर एक विशेष सत्र का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में Sanjeev Sanyal, सदस्य, आर्थिक सलाहकार परिषद, प्रधानमंत्री, भारत सरकार उपस्थित रहे।

सत्र में एक फायरसाइड चैट भी आयोजित की गई, जिसका संचालन Siddhartha Sanyal, मुख्य अर्थशास्त्री एवं शोध प्रमुख, Bandhan Bank ने किया।

अनिश्चित वैश्विक परिस्थितियों में मजबूत रही भारतीय अर्थव्यवस्था

संजीव सान्याल ने कहा कि “यह कहना अब एक क्लिशे बन गया है कि हम अनिश्चित समय में जी रहे हैं। दुनिया हमेशा से ही अनिश्चितताओं से घिरी रही है, चाहे वह वित्तीय संकट हो या कोविड महामारी।” उन्होंने कहा कि भारत ने 7 से 7.5 प्रतिशत की दर से वृद्धि दर्ज की है और मुद्रास्फीति, राजकोषीय संतुलन तथा ऋण-से-जीडीपी अनुपात जैसे मैक्रोइकोनॉमिक मानकों को मजबूत बनाए रखा है। कोविड के चरम समय में भी सरकार ने संतुलित और सतर्क दृष्टिकोण अपनाया, जिसका परिणाम है कि आज आर्थिक मानक अच्छी स्थिति में हैं।

उन्होंने कहा, “स्थिरता के साथ निरंतर विकास ही हमें ‘विकसित भारत’ की दिशा में आगे ले जाएगा।”

संरचनात्मक सुधारों से मिली मजबूती

श्री सान्याल ने कहा कि दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (IBC) जैसे सुधारों से व्यवस्था की सफाई हुई है और खराब परिसंपत्तियों से निजात मिली है। इससे सूक्ष्म स्तर पर दक्षता में सुधार हुआ है। साथ ही, हवाई अड्डा अवसंरचना में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

उन्होंने कहा कि आगे की वृद्धि अक्षमताओं को दूर करने से ही संभव होगी। मांग प्रबंधन वृद्धि का स्रोत नहीं है, बल्कि यह स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है।

पूर्वी और पश्चिमी भारत के बीच अंतर

पश्चिम बंगाल का उल्लेख करते हुए श्री सान्याल ने कहा कि कोलकाता अन्य राज्यों की तुलना में अपेक्षाकृत कम प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत में वास्तविक विभाजन पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों के बीच है। पश्चिमी राज्यों की तुलना में पूर्वी राज्य अपेक्षाकृत गरीब हैं।

उन्होंने बताया कि दक्षिण भारत में बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई प्रमुख विकास केंद्र हैं, जबकि पश्चिम में मुंबई, पुणे और अहमदाबाद अग्रणी हैं। उत्तर भारत में दिल्ली-एनसीआर प्रमुख आर्थिक केंद्र है।

पूर्वी भारत में कोलकाता सबसे बड़ा आर्थिक केंद्र है, जबकि भुवनेश्वर और रांची जैसे शहर आकार में उससे काफी छोटे हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि पश्चिम बंगाल को एक समुद्री राज्य के रूप में सोचना चाहिए और राज्य के समुद्री तट पर एक बड़ा बंदरगाह स्थापित करना चाहिए।

एमसीसीआई अध्यक्ष का वक्तव्य

एमसीसीआई की अध्यक्ष प्रीति ए. सुरेका ने कहा कि पिछले दशक में भारत की विकास यात्रा संरचनात्मक सुधारों, डिजिटल परिवर्तन, वित्तीय समावेशन और उद्यमशीलता के सशक्त पारिस्थितिकी तंत्र से चिह्नित रही है। कार्यक्रम का समापन एमसीसीआई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री मुनीश झाझरिया द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ। उन्होंने वैश्विक चुनौतियों और भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की उज्ज्वल विकास संभावनाओं पर विश्वास व्यक्त किया।

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