

कोलकाता : दुर्गापूजा की छुट्टियों से पहले मॉरीशस ने पूर्वी भारत, खासकर पश्चिम बंगाल से आने वाले पर्यटकों पर अपना फोकस बढ़ा दिया है। मॉरीशस पर्यटन प्राधिकरण को आगामी त्योहारी सीजन में इस क्षेत्र से विदेश यात्रा करने वाले लोगों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की उम्मीद है।
इसी संभावना को देखते हुए मॉरीशस को एक आकर्षक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन गंतव्य के रूप में पेश करने के लिए विशेष प्रचार अभियान और यात्रा पैकेजों पर जोर दिया जा रहा है।दुर्गापूजा से पहले मॉरीशस पर्यटन बोर्ड पूर्वी भारत (विशेषकर पश्चिम बंगाल) के पर्यटकों को लुभाने के लिए विशेष प्रयास कर रहा है
दुर्गापूजा के दौरान बढ़ती विदेश यात्रा पर नजर
पूर्वी भारत में दुर्गापूजा का समय पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। लंबे त्योहारी अवकाश के कारण बड़ी संख्या में लोग देश-विदेश की यात्रा की योजना बनाते हैं। मॉरीशस इसी बढ़ती मांग को देखते हुए पूर्वी भारत के यात्रियों को आकर्षित करने की रणनीति पर काम कर रहा है।
पूर्वी भारत को बनाया खास टारगेट मार्केट
मॉरीशस के पर्यटन क्षेत्र की रणनीति में पूर्वी भारत को खास महत्व दिया जा रहा है। इस क्षेत्र से अंतरराष्ट्रीय पर्यटन में बढ़ती रुचि को देखते हुए पर्यटकों तक सीधे पहुंच बनाने और उन्हें मॉरीशस की ओर आकर्षित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए लक्षित प्रचार और विशेष यात्रा पैकेजों की पेशकश की जा रही है।
हॉस्पिटैलिटी और पर्यटन कारोबार को बढ़ावा देने की कोशिश
मॉरीशस के लिए भारत एक महत्वपूर्ण पर्यटन बाजार है और त्योहारी सीजन में यात्रियों की संभावित बढ़ोतरी उसके पर्यटन तथा हॉस्पिटैलिटी कारोबार के लिए अहम मानी जा रही है।
पूर्वी भारत पर बढ़ा फोकस मॉरीशस की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत वह अपने पर्यटक आधार का विस्तार करना और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों को मजबूत करना चाहता है।
दुर्गापूजा के दौरान छुट्टियों और विदेश यात्रा की बढ़ती प्रवृत्ति को देखते हुए मॉरीशस अब बंगाल समेत पूर्वी भारत के यात्रियों को अपने प्रमुख पर्यटन बाजार के रूप में देख रहा है।