

रामबालक, सन्मार्ग संवाददाता
दक्षिण 24 परगना : मटियाब्रुज विधानसभा में इस बार मुकाबला काफी दिलचस्प होने वाला है, जहां तीन दलों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है। इस विधानसभा में SIR प्रक्रिया के तहत 77 हजार वोट कटे हैं। मतदाताओं की कुल संख्या करीब 1,53,000 है। इस विधानसभा क्षेत्र में SIR प्रक्रिया के तहत बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। यदि हिंदीभाषी इलाकों की बात करें, तो यहां अल्पसंख्यकों के साथ-साथ कई वार्डों में हिंदीभाषियों की अच्छी-खासी तादाद है। महेशतला पालिका के वार्ड नंबर 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 9, 10 तथा कोलकाता नगर निगम के वार्ड 136, 138 और 141 में हिंदीभाषियों की संख्या अधिक है। इसके अलावा महेशतला के वार्ड 1, 7 और 10 में भी हिंदीभाषियों की उपस्थिति अच्छी है। करीब 20 प्रतिशत मतदाता हिंदीभाषी हैं, जो कई वार्डों में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। यहां के वार्ड नंबर 1 से हिंदीभाषी तृणमूल पार्षद सत्येंद्र सिंह पहली बार चुने गए हैं। हिंदीभाषी इलाकों में रवींद्रनगर, झाऊतल्ला, टीजी रोड, डीएम बागान आदि प्रमुख हैं। इस विधानसभा के निवर्तमान विधायक अब्दुल खालेक मोल्ला, जो पेशे से शिक्षक रह चुके हैं, 2016 और 2021 में तृणमूल के टिकट पर चुनाव जीत चुके हैं। इसके अलावा वे एक बार कांग्रेस के टिकट पर भी चुनाव जीत चुके हैं। इलाके में उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती है और यहां तृणमूल का दबदबा है। तृणमूल ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया है। वहीं, भाजपा ने पहली बार युवा नेता और पेशे से निजी शिक्षक वीर बहादुर सिंह को उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस की ओर से मो. मुख्तार को टिकट दिया गया है, जबकि माकपा ने वकील मनीरूल इस्लाम को मैदान में उतारा है।
राजनीतिक परिदृश्य पर एक नजर :
इलाके में अस्पताल बेहाल , फेरीसेवा बेहाल हैं और कई कारखाने बंद हैं। सड़कों पर अवैध टोटो के चलन से ऑटो चालकों के रोजगार पर असर पड़ा है। कई सरकारी हिंदी स्कूलों में शिक्षकों की कमी है। इसके अलावा ईंट भट्टों के बंद होने से भी रोजगार प्रभावित हुआ है। साथ ही, यातायात के साधनों की कमी एक बड़ी समस्या है।
स्थानीय लोगों की राय :
हरिमोहन सिंह का कहना है कि इलाके में विकास की लहर है। वहीं, कई लोगों ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा कि शाम के बाद ट्रेन सेवाएं बंद होने के बाद कोई परिवहन सुविधा उपलब्ध नहीं होती।
उम्मीदवारों के वादे :
अब्दुल खालेक मोल्ला (तृणमूल) : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व में समग्र विकास को मुद्दा बनाकर जनता से वोट मांगा जा रहा है। चुनाव जीतने के बाद विशेष रूप से अस्पताल और फेरी सेवाओं में सुधार का वादा किया गया है।
वीर बहादुर सिंह (भाजपा) : वीर बहादुर सिंह ने कहा कि इस बार बंगाल में परिवर्तन होगा। वे महिलाओं की सुरक्षा और नदियाल अस्पताल के विकास को प्रमुख मुद्दा बना रहे हैं। अपने पक्ष में मतदान के लिए लोगों से वोट मांग रहा हूं।
मो. मुख्तार (कांग्रेस) : उन्होंने कहा कि वे आम लोगों की समस्याओं को दूर करने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। वे पहले भी पोर्ट क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके हैं।
विधानसभा चुनाव 2021 पर एक नजर :
तृणमूल के अब्दुल खालेक मोल्ला ने 1,51,066 वोट (76.85%) प्राप्त कर जीत दर्ज की थी। उनकी जीत का अंतर 1,19,604 वोट (49.64%) था। भाजपा के रामजीत प्रसाद को 31,462 वोट (16%) मिले और वे दूसरे स्थान पर रहे। वहीं, आईएसएस के नूरु जम्मां मोल्ला को 7,389 वोट (3.76%) मिले और वे तीसरे स्थान पर रहे।