

दक्षिण 24 परगना: लक्ष्मी पूजा के अवसर पर मथुरापुर के सदियाल में उत्सव का माहौल है। यहां पूजा का पंडाल अयोध्या के राम मंदिर के तर्ज पर बनाया गया है। रथयात्रा के दिन से ही पंडाल निर्माण का कार्य शुरू हो गया था। पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर से आए कलाकारों ने इस भव्य पंडाल का निर्माण किया है। पंडाल के भीतर रामायण की कई प्रमुख घटनाओं को दर्शाया गया है। वहीं, देवी लक्ष्मी को स्वर्णाभूषणों से सजाया गया है। मथुरापुर के ‘आमरा सभी भाई भाई क्लब’ के संचालन में सदियाल जनकल्याण समिति की पहल पर इस लक्ष्मी पूजा का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष पूजा अपने 20 वें वर्ष में प्रवेश कर गई है। हर साल यह पूजा अपनी अनूठी थीम और भव्य आयोजन के कारण आकर्षण का केंद्र बनती है। इस पूजा की खास बात यह है कि इसके आयोजन में हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग मिलकर जिम्मेदारी निभाते हैं। इसमें महिलाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय है। पूजा के अवसर पर गांव में 9 दिनों तक उत्सव का माहौल रहता है। इस दौरान मेले का आयोजन किया जाता है और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होते हैं। पूजा के आयोजक और सांसद बापी हालदार ने बताया, अयोध्या का राम मंदिर एक पवित्र तीर्थस्थल है। बहुत से लोग वहां दर्शन करने नहीं जा सके हैं। ऐसे लोगों को राम मंदिर की झलक दिखाने के उद्देश्य से ही यहां मंदिर की तर्ज पर पंडाल बनाया गया है। इस बार पूजा में देवी लक्ष्मी के 13 स्वरूपों को भी प्रदर्शित किया जाएगा।