

कोलकाता : सोने की मोहरें देने का वादा कर एक व्यक्ति से 10 लाख रुपये की ठगी करने के आरोप में पुलिस ने एक राजमिस्त्री को गिरफ्तार किया है। घटना बांसद्रोणी थाना इलाके की है। अभियुक्त का नाम जुम्मा शेख है। पुलिस ने उसे बीरभूम से गिरफ्तार किया है। रविवार को अभियुक्त को अदालत में पेश करने पर उसे 17 जनवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
क्या है पूरा मामला
पुलिस के अनुसार, घटना पिछले साल दिसंबर महीने की है। अभियुक्त जुम्मा शेख बांसद्रोनी इलाके के एक घर में राजमिस्त्री का काम कर रहा था। काम करने के दौरान उसकी पहचान पड़ोस में रहनेवाले व्यक्ति से हुई थी। पहचान होने के बाद जालसाज ने पीड़ित व्यक्ति को एक सोने की मोहर दिखाई और दावा किया कि यह असली सोने की है। शुरू में उसने इसकी कीमत 14 हजार रुपये बताई, लेकिन बाद में 10 हजार रुपये में बेचने का लालच दिया। अभियुक्त ने पीड़ित व्यक्ति को विश्वास दिलाया कि उसके पास ऐसी 100 असली सोने की मोहरें उपलब्ध हैं, जिन्हें मात्र 10 लाख रुपये में खरीदा जा सकता है। लालच में आकर शिकायतकर्ता ने सौदा तय किया। बाद में पीड़ित व्यक्ति ने इन 100 मोहरों को एक सोने की दुकान पर जांच के लिए ले जाकर परखवाया। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि सभी मुहरें असली सोने की नहीं, बल्कि तांबे, टिन और कांच से बनी नकली थीं। इस तरह अभियुक्त ने असली सोने की मोहरें देने के बहाने नकली मोहरों देकर ठगी की। सरकारी वकील शुभाशिष भट्टाचार्य ने कोर्ट में इस बात का खुलासा करते हुए कहा कि अभियुक्त ने शिकायतकर्ता को पूरी तरह धोखा दिया है। पुलिस ने आरोपी की और गहन पूछताछ के लिए कस्टडी मांगी, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया। कोर्ट ने जुम्मा शेख को 17 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है ताकि यदि कोई अन्य व्यक्ति भी इस ठगी में शामिल हो तो उसका भी पता लगाया जा सके।