

कोलकाता : ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग और आईपीओ में निवेश के नाम पर साइबर ठगों ने एक व्यक्ति को करीब 37 लाख रुपये की चपत लगा दी। पीड़ित को वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़कर फर्जी निवेश ऐप के जरिए भारी मुनाफे का लालच दिया गया। ठगों ने शुरुआत में छोटे निवेश पर फर्जी लाभ दिखाकर विश्वास जीता और बाद में बड़ी रकम ऐंठ ली। जब पीड़ित ने पैसे निकालने की कोशिश की तो ऐप पर निकासी नहीं करने दी गयी। बाद में पीड़ित व्यक्ति ने आनंदपुर थाने में शिकायत दर्ज करायी।
क्या है पूरा मामला
पीड़ित आलोक बेरी के अनुसार, उन्हें वॉट्सऐप पर एक बड़े ग्रुप में शामिल किया गया, जहां ग्रुप एडमिन के नंबर बताए गए। ग्रुप में अर्णव ठाकुर नामक व्यक्ति ने शेयर बाजार की टिप्स दीं और निवेश सिखाने का दावा किया। शुरुआत में छोटे लेन-देन कर फर्जी मुनाफा दिखाया गया। विश्वास जमाने के लिए पहले 50 हजार रुपये जमा कराए गए, फिर अलग-अलग खातों में चार लाख रुपये ट्रांसफर करवाए गए। इन भुगतानों का फॉलो-अप लियोन नामक व्यक्ति ने किया। इसके बाद पीड़ित को एक छोटे ग्रुप में शिफ्ट कर रोजाना शेयर सिफारिशें दी गईं। आईपीओ निवेश का लालच देते हुए कहा गया कि केवल 10 प्रतिशत राशि जमा करनी होगी, बाकी क्रेडिट दिखाई जाएगी। 15 दिसंबर 2025 को आईपीओ लिस्टिंग के समय ऐप पर बड़ी संख्या में शेयर अलॉटमेंट दिखाकर अतिरिक्त भुगतान करवाए गए। इनमें पहले 11 लाख, फिर 12.25 लाख और अंत में 10.06 लाख रुपये ट्रांसफर कराये गये। हर बार आश्वासन दिया गया कि अब और भुगतान नहीं करना पड़ेगा, लेकिन नई अलॉटमेंट दिखाकर दबाव बनाया जाता रहा। ऐप पर बिक्री दिखाने के बाद पीड़ित के खाते में 54.46 लाख रुपये का बैलेंस दिखाया गया। निकासी के लिए आवेदन करने पर 'पेंडिंग आईपीओ ऑर्डर' का बहाना बनाकर राशि रोकी गई। 17 दिसंबर को 51 लाख की निकासी का अनुरोध किया गया, लेकिन 22 दिसंबर तक कोई राशि नहीं आई। बाद में ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने थाने में शिकायत दर्ज करायी।